देवकुड़ में पेयजल संकट गहराया, कच्चे कुएं का दूषित पानी पीने को मजबूर आदिवासी परिवार

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ग्रामीणों ने ब्लॉक प्रमुख मान सिंह गोंड व DM से पेयजल, बिजली, सड़क की मांग की

म्योरपुर, सोनभद्र। विकासखंड म्योरपुर के छत्तीसगढ़ सीमा से सटे ग्राम पंचायत कुड़पान के देवकुड़ गोंडान टोला में पेयजल संकट गंभीर हो गया है। 20 घरों और करीब 90 आबादी वाले इस आदिवासी बहुल टोले के लोग शुद्ध पानी के अभाव में कच्चे कुएं का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। इससे बच्चों में जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।ग्रामीणों ने बताया कि टोले में लगा एकमात्र हैंडपंप गर्मी में जवाब दे चुका है। दिनभर में मुश्किल से 5-10 बाल्टी पानी ही निकलता है। बरसात में हैंडपंप से पानी मिलता था, अब कुएं पर निर्भर होना पड़ रहा है। शांति देवी, विमला देवी, उदित, सूरज देव, नयन, इंद्र देव, धर्मजीत, बाबूलाल, लाल शाह, माणिकचंद सहित ग्रामीणों ने कहा कि बरसात में कुएं का पानी और दूषित हो जाता है, जिससे बच्चों-बुजुर्गों के बीमार होने की आशंका है। ग्रामीणों का आरोप है कि हर घर नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन तो बिछ गई, लेकिन आज तक नलों में एक बार भी पानी नहीं आया। योजना कागजों तक सीमित है। कार्य अधूरा छोड़ने से कोई लाभ नहीं मिला। पेयजल के साथ टोला बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित है। आजादी के दशकों बाद भी बिजली नहीं पहुंची। आवागमन के लिए केवल पगडंडी और कच्चे रास्ते हैं, बरसात में स्थिति बदतर हो जाती है। ग्रामीणों ने ब्लॉक प्रमुख मान सिंह गोंड और जिलाधिकारी से देवकुड़ गोंडान टोला में शीघ्र पेयजल, बिजली और सड़क की व्यवस्था कराने की मांग की। चेतावनी दी कि समाधान न हुआ तो आंदोलन करेंगे।

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