चिकित्सको की उपलब्धता पर ही निजी चिकित्सालय हो पंजीयन, अभियान चला कर करें कार्रवाई: जिलाधिकारी

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

अमित मिश्रा

गर्भवती महिलाओं के शत-प्रतिशत अल्ट्रासाउण्ड की व्यवस्था भी हो सुनिश्चित : डीएम

सोनभद्र। जनपद में स्वास्थ्य योजनाओं से सम्बन्धित कार्यों में लापरवाही बरतने वाले आशा, एएनएम की सेवा समाप्ति की जाये कार्यवाही सुनिश्चित करें। इसके साथ ही प्राईवेट चिकित्सालयों की अभियान चलाकर की जॉच कर  कार्यवाही करे तथा बिना पंजीकरण के संचालित चिकित्सालय बन्द हो और जनपद में संचालित पाया जाता है तो सम्बन्धित चिकित्सालय के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करे। उक्त निर्देश जिलाधिकारी चन्द्र विजय सिंह ने जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में दिया।

वही जिलाधिकारी चन्द्र विजय सिंह ने बैठक के दौरान अनटाईड फण्ड में व्यय की गयी धनराशि की प्रगति की समीक्षा किया, समीक्षा के दौरान यह तथ्य संज्ञान में आया कि अनटाईड फण्ड के धनराशि के खर्च में शिथिलता बरती जा रही है, जिस पर जिलाधिकारी ने डीपीएम और डीएएम को नोटिस जारी करने के निर्देश दियें। उन्होंने कहा कि धनराशि व्यय में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।

सीएचसी व पीएचसी के प्रभारी अनटाईड फण्ड के धनराशि समय से व्यय करना सुनिश्चित करें, धनराशि के व्यय में शिथिलता बरतने से विकास के कार्य प्रभावित होते हैं। इस दौरान उन्होंने जनपद में संचालित प्राईवेट चिकित्सालयों के निरीक्षण व की जाने वाली कार्यवाही की भी समीक्षा की, समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी व सम्बन्धित नोडल अधिकारी पंजीयन निजी चिकित्सालय को निर्देशित करते हुए कहा कि किसी भी चिकित्सालय में चिकित्सकों के उपलब्धता के आधार पर ही किसी भी मल्टी स्पेशलिस्ट हास्पिटल एवं ट्रामा सेन्टर का पंजीकरण किया जाये और चिकित्सकों की सुविधा उपलब्ध होने पर मल्टी स्पेशलिस्ट हास्पिटल बोर्ड पर अंकित किया जाये अन्यथा की स्थिति में क्लीनिकल स्टेब्लिसमेन्ट (पंजीकरण एवं नियमन) एक्ट 1010 एवं 2016 उल्लंघन पर नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।

उन्होंने कहा कि बिना पंजीकरण के कोई भी चिकित्सालय जनपद में संचालित पाया जाता है तो सम्बन्धित चिकित्सालय के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की कार्यवाही सुनिश्चित करायी जाये। उन्होंने कहा कि बिना पंजीयन के जनपद में यदि कोई भी चिकित्सालय संचालित हो रहे हों, तो वह तत्काल बन्द कर दिये जाये। उन्होंने कहा कि प्राईवेट चिकित्सालयों की संघन जॉच नियमित रूप से सम्बन्धित टीम द्वारा सुनिश्चित की जाये, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं होगी, इस दौरान उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत अल्ट्रासाउण्ड कराने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करायी जाये।

इस दौरान जिलाधिकारी ने यूपी आरएनएस द्वारा कराये जा रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की तो निर्माण कार्यो की प्रगति धीमी पायी गयी, जिस पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने वाले जेई के निलम्बन हेतु संस्तुति की कार्यवाही सुनिश्चित करायी जाये। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य व सब सेन्टर पर हो रही डिलेवरी के प्रगति की समीक्षा की, समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना के अन्तर्गत प्रसूता महिलाओं के खाते में भेजे जाने वाली धनराशि के भुगतान की समीक्षा किया। 

समीक्षा के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नगवां में भुगतान की प्रगति धीमी पायी गयी, जिस पर जिलाधिकारी ने डीएएम, डीसीपीएम को नोटिस जारी कर मानदेय भुगतान पर रोक लगाने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण, दवा की उपलब्धता, टीकाकरण, अल्टासाउण्ड आदि कार्यों की प्रगति समीक्षा की, समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य रहने हेतु समय-समय पर टीककरण के साथ ही दवाएं आदि की सुविधा उपलब्ध करायी जाये और उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी नियमित रूप से किया जाये। इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले आशा, एएनएम के विरूद्ध भी कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। स्वास्थ्य योजनाओं से सम्बन्धित कार्यों में जिन आशा, एएनएम द्वारा लापरवाही बरती जा रही है, इनके विरूद्ध सेवा समाप्ति की कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।

इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी सौरभ गंगवार, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 अश्वनी कुमार, एसीएमओ डॉ0 आरजी यादव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह सहित अन्य सम्बन्धितगण उपस्थित रहें।

Leave a Comment