अमित मिश्रा
सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में स्थापित कम्पनियों के द्वारा सीएसआर धनराशि का व्यय स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता , सफाई आदि कार्यो पर किया जाये,इसके साथ किसी भी परियोजना का चयन तथा उसका क्रियान्वयन जनपद स्तरीय समिति के अनुमोदन के बिना ना किया जाये। उक्त निर्देश जिलाधिकारी ने विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के कारपोरेट सोशल रिस्पान्सिबिलिटी व अधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में कहा।
इस दौरान जिलाधिकारी ने समस्त औद्योगिक इकाईयों के प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद किया गया, तथा जनपद में औद्योगिक इकाईयों द्वारा कराये जा रहें। सीएसआर के कार्यों के अनुमोदन, स्वीकृति तथा अनुश्रवण के सम्बन्ध में दिशा निर्देश दिये गयें। उन्होंने कहा कि कम्पनी अधिनियम 2015 की धारा 135 मे सीएसआर के सम्बन्ध में यह व्यवस्था दी गयी है कि प्रत्येक वह कम्पनी जिसका नेटवर्थ 500 करोड़ या उससे अधिक है अथवा टर्नओवर 1000 करोड़ अथवा अधिक है, अथवा नेट प्रॉफिट 5 करोड़ अथवा अधिक है।
प्रत्येक वित्तीय वर्ष में गत तीन वर्षों के औसत शुद्ध लाभ का कम से कम 2 प्रतिशत सीएसआर के कार्यकलापों में व्यय करना होगा। उपायुक्त उद्योग यह सुनिशिचित कर लें कि उपरोक्त मानको के अन्तर्गत वर्तमान की सीएसआर इकाईयों के अतिरिक्त यदि अन्य कोई इकाई भी सम्मिलित होती हो, तो उसे भी डाटाबेस में ले लिया जाये। जनपद में स्थापित प्रत्येक सीएसआर कम्पनी के द्वारा सीएसआर धनराशि का व्यय जनपद में ही कार्यों में किया जायें।
प्रत्येक सीएसआर कम्पनी वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24, तथा 2024-25 में कराये गये कार्यों तथा सम्बन्धित वित्तीय वर्षों में दो प्रतिशत सीएसआर धनराशि के रूप में कितनी धनराशि उपलब्ध थी के सम्बन्ध में अपनी रिपोर्ट उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। शासनादेश के द्वारा जनपद में सीएसआर कार्यों के अनुश्रवण व सहायता हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय समिति का गठन किया गया है।
उक्त समिति की बैठक प्रत्येक माह आयोजित की जाये, समस्त औद्योगिक इकाईयों के द्वारा प्रस्तावित्त सी०एस०आर० के कार्यों की स्वीकृति जनपद स्तरीय समिति के द्वारा प्राप्त किया जायेंगा। किसी भी परियोजना का चयन तथा उसका क्रियान्वयन जनपद स्तरीय समिति के अनुमोदन के बिना ना किया जायें।
जनपद स्तरीय समिति के द्वारा औद्योगिक इकाईयों के द्वारा कराये जा रहें। सीएसआर के कार्यो का अनुश्रवण सुनिश्चित किया जाये, जनप्रतिनिधियों तथा एनजीओ व अन्य किसी संस्था से प्राप्त सीएसआर कार्यों के प्रत्येक प्रस्तावों को जिला स्तरीय समिति के समक्ष अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया जाये।
जिला स्तरीय समिति के निर्णय के अतिरिक्त व्यक्तिगत रूप से किसी विभाग,अधिकारी व संस्थान से प्राप्त किसी प्रस्ताव पर औद्योगिक इकाई द्वारा कोई कार्यवाई ना की जाये। इस प्रकार से प्राप्त समस्त प्रस्तावों को जिला स्तरीय समिति के अनुमोदन हेतु अवश्य प्रस्तुत किया जायें। जनपद में सीएसआर के कार्यों के अनुश्रवण हेतु बने पोर्टल बेतण्जमबीदवेींचमतेण्बवउ के सर्वर प्राप्त करने की कार्यवाही जिला सूचना विज्ञान अधिकारी द्वारा एनआईसी के माध्यम से कर ली जायें।
इसके साथ ही समस्त प्राप्त प्रस्तवों को पोर्टल पर भी अपलोड़ किया जाये, प्रत्येक औद्योगिक इकाई द्वारा प्रत्येक वित्तीय वर्ष में औद्योगिक संस्थान के पास सीएसआर के कार्यों हेतु कितनी धनराशि उपलब्ध है, इसका विवरण उपायुक्त उद्योग जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र को उपलब्धा कराया जाये।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, डीसी एनआरएलएम सरिता सिंह, उपायुक्त उद्योग केशव यादव, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह सहित अन्य सम्बन्धितगण उपस्थित रहें।







