चंदौली जिले के नौगढ़ तहसील में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और अखिल भारतीय आदिवासी महासभा ने नौगढ़ क्षेत्र में वन विभाग द्वारा आदिवासी परिवारों के घरों पर बुलडोजर चलाए जाने की कार्रवाई को गैरकानूनी और पक्षपातपूर्ण बताते हुए विरोध तेज कर दिया है। रविवार को भाकपा जिला सचिव सुखदेव मिश्रा के नेतृत्व में आदिवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल उपजिलाधिकारी नौगढ़ से मिला और ग्राम पंचायत जरहर के दानोगड़ा गांव में आदिवासी परिवारों के मकान गिराए जाने के मामले में ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई पर सवाल उठाया।

भाकपा जिला सचिव सुखदेव मिश्रा ने आरोप लगाया कि वन विभाग भू-माफियाओं को संरक्षण देते हुए गरीब और भूमिहीन आदिवासी परिवारों को निशाना बना रहा है। उन्होंने कहा कि 9 मई 2026 को दानोगड़ा गांव में रामचंदर आदिवासी, राजकुमार आदिवासी समेत तीन आदिवासी परिवारों के छह कमरों वाले पक्के सरकारी आवासों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया, जबकि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर भू-माफियाओं का कब्जा जारी है।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग उठाई कि राजस्व, सिंचाई और वन विभाग की जमीनों की संयुक्त पैमाइश कर स्पष्ट सीमांकन कराया जाए। साथ ही कोल, मुसहर के साथ गोंड, चेरो, माझी, पनिका समेत अन्य आदिवासी समुदायों को सोनभद्र जिले की तर्ज पर चंदौली के नौगढ़ क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र जारी किया जाए तथा वनाधिकार कानून के तहत गरीब परिवारों को भूमि का पट्टा दिया जाए।
भाकपा नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक इन मांगों का समाधान नहीं होता और गरीबों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई बंद नहीं की जाती, आंदोलन जारी रहेगा। इसी क्रम में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और अखिल भारतीय आदिवासी महासभा के संयुक्त तत्वावधान में 21 मई 2026 को नौगढ़ काली जी के पोखरा से तहसील मुख्यालय तक मार्च निकालकर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान सभा आयोजित कर प्रशासन को मांग पत्र सौंपा जाएगा। कार्यक्रम में ध्वनि विस्तारक यंत्र का भी प्रयोग किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक कामरेड राजेंद्र यादव होंगे।
प्रतिनिधिमंडल में सुखदेव मिश्रा के अलावा शशिकांत कुशवाहा, किस्मत यादव, श्रवण यादव, रामप्यारे बनवासी, अंतलाल बनवासी और राजकुमार चेरो समेत कई लोग शामिल रहे।






