अमित मिश्रा
O- भाजपा के “महिला जन आक्रोश अभियान” पर सपा सांसद छोटेलाल खरवार का पलटवार, दोनों दलों ने महिलाओं के मुद्दे पर एक-दूसरे को घेरा

सोनभद्र (उत्तरप्रदेश) । रॉबर्ट्सगंज लोकसभा क्षेत्र में महिला आरक्षण और महिला सम्मान को लेकर भारतीय जनता पार्टी तथा समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। भाजपा द्वारा चलाए जा रहे “महिला जन आक्रोश अभियान” के तहत विपक्षी सांसद आवास घेराव कार्यक्रम में जहां भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी को महिला विरोधी बताया, वहीं समाजवादी पार्टी के सांसद छोटेलाल खरवार ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए महिला आरक्षण को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए।

मूसही स्थित सांसद आवास के पास आयोजित प्रदर्शन में सैकड़ों महिलाओं ने हिस्सा लिया। महिला कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया और महिला आरक्षण, महिला सुरक्षा तथा महिला सम्मान को लेकर नारेबाजी की।

कार्यक्रम में भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष पुष्पा सिंह ने कहा कि “समाजवादी पार्टी ने हमेशा महिलाओं के अधिकारों का विरोध किया है। महिला आरक्षण बिल का विरोध कर सपा ने अपनी मानसिकता उजागर कर दी है। भाजपा ही महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा देने का काम कर रही है।”

वहीं नगरपालिका अध्यक्ष रूबी प्रसाद ने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने का काम हुआ है। भाजपा सरकार ने महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता दी है। महिला जन आक्रोश अभियान महिलाओं की आवाज़ को मजबूत करने का माध्यम बनेगा।”

दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के सांसद छोटेलाल खरवार ने भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि “भाजपा महिलाओं के नाम पर सिर्फ राजनीति कर रही है। यदि केंद्र सरकार सच में महिलाओं को अधिकार देना चाहती तो महिला आरक्षण बिल 2023 में ही लागू कर देती। भाजपा जानबूझकर इसे टाल रही है।”

सांसद छोटेलाल खरवार ने आगे कहा कि “समाजवादी पार्टी ने हमेशा महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी देने का काम किया है। सबसे अधिक महिला प्रत्याशी समाजवादी पार्टी ने मैदान में उतारे। भाजपा सिर्फ प्रचार करती है, जबकि जमीन पर महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने का काम समाजवादी पार्टी ने किया है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिला सम्मान के मुद्दे पर जनता को गुमराह कर रही है और चुनावी लाभ के लिए अभियान चला रही है। सांसद ने कहा कि “महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई सिर्फ नारों से नहीं, बल्कि राजनीतिक हिस्सेदारी और निर्णय लेने की शक्ति देने से मजबूत होगी।”

भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच महिला आरक्षण को लेकर बढ़ी यह सियासी टकराहट अब जिले में चर्चा का विषय बन गई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है क्योंकि दोनों दल इसे जनभावनाओं से जोड़कर राजनीतिक बढ़त लेने की कोशिश में जुटे हैं।






