आदिवासियों की जमीन बचाने को कांग्रेस का हल्ला बोल, जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन

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अमित मिश्रा

सोनभद्र। आदिवासियों की पुश्तैनी जमीन भू-माफियाओं से बचाने और उन्हें उनका अधिकार दिलाने की मांग को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी, शहर कांग्रेस और जुगैल क्षेत्र के सैकड़ों आदिवासियों ने मंगलवार को जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामराज सिंह गोंड की अगुवाई में प्रदर्शनकारी डीएम कार्यालय पहुंचे और प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए सीलिंग एक्ट के तहत जब्त की गई जमीनें भू-माफियाओं को दिए जाने का विरोध किया।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पूर्व प्रदेश महासचिव देवेंद्र प्रताप सिंह ने बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला और कहा कि आदिवासियों के साथ अन्याय और अत्याचार चरम पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि ओबरा विधानसभा के जुगैल क्षेत्र में कुछ प्रभावशाली भाजपा नेता भू-माफियाओं के साथ मिलकर आदिवासियों की जमीनें हड़पने का षड्यंत्र कर रहे हैं।

जिलाध्यक्ष रामराज सिंह गोंड ने कहा कि पूरे जिले में आदिवासियों को उनकी पुश्तैनी जमीनों से बेदखल किया जा रहा है और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। उन्होंने ओबरा क्षेत्र में आदिवासियों पर हो रहे अन्याय पर समाज कल्याण मंत्री की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।

शहर कांग्रेस अध्यक्ष फरीद अहमद ने कहा कि गरीबों की जमीन पर सीधे-सीधे कब्जा किया जा रहा है और उन्हें उनका हक नहीं मिल पा रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेश द्विवेदी ने आरोप लगाया कि वनाधिकार कानून की खुलेआम अवहेलना की जा रही है।

पूर्व प्रदेश सचिव जितेंद्र पासवान ने इसे सुनियोजित शोषण करार देते हुए कहा कि यह सब सरकार के संरक्षण में हो रहा है। जिला उपाध्यक्ष बृजेश त्रिपाठी, महासचिव बाबूलाल पानिका, जिला सचिव संदीप गुप्ता और ब्लॉक अध्यक्ष संतोष नेताम ने कहा कि अब समय आ गया है जब जनता को इस सरकार को उखाड़ फेंकना चाहिए।

प्रवक्ता शत्रुंजय मिश्रा ने कहा कि बीजेपी सरकार हर वर्ग—आदिवासी, किसान, महिला, युवा—के साथ विश्वासघात कर रही है और अपराध पर नियंत्रण पूरी तरह विफल रहा है।

प्रदर्शन में अमरेश देव पांडे, लल्लू राम पांडे, शशांक मिश्रा, दयाशंकर देव पांडे, आशुतोष दुबे, सिराज हुसैन, हिमाचल साहनी, आशीष सिंह, बेबी सिंह, शीतला पटेल, राहुल सिंह पटेल, जय शंकर भारद्वाज, मोहन बियार, ईश्वर प्रसाद गोंड, बिन्दु, शिव पूजन विश्वकर्मा, संजय तिवारी, कैलास खरवार, दसमतीया, बिटनी, अटवरिया, फूलमती, गुड्डी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व ग्रामीण शामिल रहे।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई तो वह उग्र आंदोलन करेंगे।

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