प्रशासक बने प्रधानों की परेशानी, सदर ब्लॉक प्रधान संघ ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
सोनभद्र। कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को विकास खंड सदर प्रधान संघ ने अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। प्रशासक के रूप में कार्यरत ग्राम प्रधानों ने पेयजल संकट, सफाई और भुगतान प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
प्रधान संघ अध्यक्ष सुरेश शुक्ला ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन द्वारा ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में आवश्यक कार्यों का दायित्व दिया गया है। वर्तमान में पेयजल व्यवस्था, हैंडपंप मरम्मत, रिबोर, स्वच्छता, जल निकासी और नाली सफाई जैसे काम बेहद जरूरी हैं। भीषण गर्मी और संभावित पेयजल संकट को देखते हुए हैंडपंपों की मरम्मत, रिबोर और टैंकर व्यवस्था तत्काल कराना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि प्रशासक व्यवस्था लागू होने के बाद कार्यों की स्वीकृति और भुगतान की प्रक्रिया को लेकर कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिल रहे हैं। इससे जनहित के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वर्षा ऋतु नजदीक है, ऐसे में नालियों की सफाई, जल निकासी और रास्तों की मरम्मत समय रहते होना जरूरी है।
सुरेश शुक्ला ने मांग की कि टैंकर संचालन व भुगतान, हैंडपंप मरम्मत-रिबोर की स्वीकृति, वर्षा पूर्व कार्यों की प्रशासनिक-वित्तीय प्रक्रिया और ग्राम पंचायत निधि से भुगतान हेतु सरल दिशा-निर्देश शीघ्र जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतें जनता की पहली इकाई हैं, इसलिए स्पष्ट कार्यप्रणाली से प्रधान बिना असमंजस के जनसेवा कर सकेंगे।
ज्ञापन के समय अनूप तिवारी, अनुपम तिवारी, विमलेश पांडेय, अमरजीत दुबे, मार्कण्डेय पटेल, शिवेंद्र साहनी, आजाद कुशवाहा, मुन्ना सिंह, विजय बहादुर पटेल, अरुण सिंह, विजय शुक्ला, रामप्रवेश यादव, सिंदरी व बहुआरा के प्रधान सहित कई लोग मौजूद रहे।






