विधायक खेल महाकुम्भ के समापन पर जनपदवासियों को 698 करोड़ रुपये की सौगात दे गए मुख्यमंत्री

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अमित मिश्रा

खेल प्रतिभा को निखारने के लिए सभी विधायक अपने क्षेत्रो में कराये विधायक खेलकूद प्रतियोगिता

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में विधायक खेल महाकुम्भ के समापन समारोह में इस जनपद के संस्कृत में और सोनभद्र जनपद से जुड़े हुए मेरे सभी प्रसिद्ध बहन और भाइयों मैं सबसे पहले उत्तर प्रदेश की ऊर्जा राजधानी के रूप में विख्यात जनपद सोनभद्र कैसे पावन धरा को कोटि-कोटि नमन करता हूं आप सबका अभिनंदन करता हूं केवल प्रदेश ही नहीं बल्कि देश की आदि परंपरा को समेटे हुए सृष्टि के प्रारंभ के जीवाश्म पार्क गुफा चित्र प्राकृतिक संसाधनों जल एवं वन से परिपूर्ण और प्राकृतिक संसाधनों के साथ ही सांस्कृतिक एवं धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण जनपद है यहां पर 11वी शताब्दी का शिवद्वार मंदिर मां विंध्यवासिनी मंदिर से काशी विश्वनाथ मंदिर मां ज्वालामुखी देवी मंदिर मां मुंडेश्वरी माता मंदिर के चतुष्कोण आवरण के बीच पूरा जनपद अवस्थित है और इसलिए यह जनपद अत्यंत महत्वपूर्ण है अपनी भौगोलिक अपनी सांस्कृतिक और अपने प्राकृतिक बनावट के कारण अत्यंत महत्वपूर्ण है कि भारत के अंदर स्विट्जरलैंड जज बनने की सामर्थ अकेले हमारा सोनभद्र जनपद रखता है इसमें कोई अतिशयोक्ति नही।

मुख्यमंत्री ने 129 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद में 12000 मेगावाट विद्युत उत्पादन करता है इसीलिए मैंने इसको प्रदेश का ऊर्जा राजधानी के रूप में विख्यात जनपद है इसलिए इस धरती को मैं कोटि-कोटि नमन करते हुए आप सब का हृदय से अभिनंदन करता हूं। प्रधानमंत्री की प्रेरणा से युवा खेलकूद की बात करते हैं, नए भारत की बात करते हैं तो सर्वांगीण विकास के भारत की बात होती है और याद रखना भारत विकास के नित्य प्रतिमान स्थापित करेगा। उत्तर प्रदेश विकास करेगा जब हर जनपद विकास के पायदान पर मजबूती के साथ खड़ा होगा। आध्यात्मिक सांस्कृतिक विरासत का विकास को भौतिक विकास के कार्य भी हो, शिक्षा स्वास्थ्य के साथ-साथ रोजगार और खेलकूद की गतिविधियों को भी उतनी प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाए। इसी को ध्यान में रखकर के प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले 10 वर्ष के अंदर विकास के नित्य नए प्रतिमान को स्थापित करने का काम किया गया।

500 वर्षों की विरासत को संरक्षित करते हुए राम मंदिर के निर्माण का भव्य स्वरूप सामने आता है, एक नई अयोध्या के दर्शन होते हैं तो प्रयागराज की धरती पर इस सदी का पहला महाकुम्भ भी आज हमें दर्शन करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन दिन में लगभग 6 करोड़ श्रद्धालुओं ने प्रयागराज में मां गंगा, यमुना और सरस्वती की पावन त्रिवेणी के संगम में डुबकी लगाकर पुण्य का भागीदार बने हैं। आज हर कोई प्रयागराज आना चाहता है, हर कोई काशी आना चाहता है, हर कोई अयोध्या आना चाहता है।

मुख्यमंत्री ने सम्बोधित करते हुए कहा कि ग्रीन एनर्जी के रूप में भी इस क्षेत्र को विकसित करने का काम करेंगे यहां के लोगों के लिए यही पर रोजगार पैदा हो यह भी करेंगे। 

वही विधायक खेल महाकुम्भ के आयोजन पर मुख्यमंत्री ने सदर विधायक भूपेश चौबे को धन्यवाद दिया और कहा कि खेल प्रतियोगिता को यहां पर इस रूप में लिया है, सीनियर सिटीजन भी कार्यक्रम का हिस्सा बन अमृत खेल के रूप में रस्साकस्सी खेला बहुत ही अच्छा लगा। जीवन के लिए जीना ही जीवन नही होता, जीवन का मतलब इसमें ज्ञान भी है,परिश्रम भी है और मनोरंजन भी है। यह सब एक साथ मिलेगा प्रकृति के साथ रहेंगे तो स्वस्थ रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस खेल प्रतियोगिता का आयोजन ग्राम पंचायत, न्याय पंचायत व ब्लाक स्तर पर किया गया जो अच्छा लगा। इस खेलकूद प्रतियोगिता में लगभग 11000 खिलाड़ी प्रतिभाग किया,जिसमें फोटो प्रतियोगिता, कबड्डी, अमृत खेल रस्साकस्सी यह 65 वर्ष से ऊपर के खिलाड़ियों ने इसमें प्रतिभाग किया ,जिसमे 400 लोग प्रतिभाग किया। वही क्रिकेट, निबंध लेखन और चित्रकला , सांस्कृतिक कार्यक्रम के गीत संगीत व कविता, क्रिकेट मैच जिसमे विधायक एकादस और जिलाधिकारी एकादस यहां पर खेला गया और दंगल के खिलाड़ियों के ने भी इस प्रतियोगिता में प्रतिभाग लिया। इस प्रतियोगिता में शामिल हुए 11000 खिलाड़ियो व आयोजक की पूरी टीम को बधाई देता हूं। इसमें नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने के लिए एक मार्ग दिया है, खो खो में अलका कुमारी ने विजयी बनाकर और शतरंज में आयुष कुमार ने यानी यह सभी लोग प्रतियोगिता में भागीदार बने थे और अभी कबड्डी में और अमृत खेल में अपने प्रदर्शन आपके सामने देखा जिनको अभी मंच पर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में स्वयं सहायता समूह की महिलाओ का भी बखान करते हुए उनके द्वारा बकरी के दूध से साबुन बनाया है यहां की जनजातीय समुदाय से जुड़ी हुई महिलाओं ने डबल इंजन की सरकार भी कार्यक्रमों के साथ जुड़ रही है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से हर गांव में खेल का मैदान हो हर ब्लॉक स्तर पर एक मिनी स्टेडियम और हर जनपद स्तर पर एक स्टेडियम हो। सरकार ने खेलकूद की गतिविधियों को आगे बढ़ाया है आज  कोई स्वर्ण पदक जीत कर आता है तो उत्तर प्रदेश सरकार उसको अलग से 6 करोड रुपए देती है तो रजत पदक पर 4 करोड़ और कांस्य पदक पर 2 करोड रुपए सरकार देती है। ओलंपिक गेम्स में स्वर्ण पदक पर तीन करोड़ , रजत पदक पर दो करोड़ और कांस्य पदक पर एक करोड़ उपलब्ध कराती है।कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक पर डेढ़ करोड़, रजत पदक पर  75 लाख रुपए की सहायता सरकार उपलब्ध करवाती है । वही विश्व कप में 50 लाख रुपए और ओलंपिक में प्रदेश का कोई खिलाड़ी प्रतिभा करता है तो उसे 10 लाख रुपए सरकार देती है।

इस मौके पर स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री रविन्द्र जायसवाल, समाज कल्याण राज्यमन्त्री संजीव गोंड, जिला पंचायत अध्यक्ष राधिका पटेल, श्याम नारायण सिंह, घोरावल विधायक डॉ अनिल कुमार मौर्या,जिला अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी नंदलाल गुप्ता, पूर्व सांसद राम सकल, नरेंद्र कुशवाहा व जिला प्रभारी अनिल कुमार सिंह सहित भारतीय जनता पार्टी, निषाद पार्टी, सुभासपा और राष्ट्रीय लोकदल के सभी पदाधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे ।

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