सुमन दीदी बोलीं- बच्चे राष्ट्र की धरोहर, घर का माहौल सकारात्मक रखना जरूरी
सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज के विकास नगर ब्रह्माकुमारीज मार्ग स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय के स्थानीय सेवाकेंद्र पर आयोजित तीन दिवसीय ग्रीष्मकालीन दिव्य बाल व्यक्तित्व विकास शिविर का सायंकाल समापन हुआ। शिविर का उद्देश्य बच्चों में मानवीय मूल्य, आध्यात्मिक जागरूकता एवं संस्कारों का दिव्यीकरण करना था।
शिविर में बच्चों में श्रेष्ठ मानवीय मूल्यों एवं संस्कारों को विकसित करने के लिए सृजनात्मक, मानसिक व खेल आधारित गतिविधियां संचालित की गईं। विभिन्न स्पर्धाओं में भाग लेने वाले बच्चों को सेवाकेंद्र की मुख्य संचालिका सुमन दीदी ने प्रमाण पत्र व पुरस्कार देकर उत्साहित किया और उनके मंगलमय भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बच्चे परिवार की अमूल्य धरोहर व राष्ट्र का स्वर्णिम भविष्य हैं। माता-पिता को बच्चों में श्रेष्ठ मानवीय मूल्यों के विकास के लिए आदर्श गुण व आचरण प्रस्तुत करना चाहिए, क्योंकि बच्चों में देखकर सीखने की स्वाभाविक प्रवृत्ति होती है।
शिविर में डॉ. बी.के. हरीन्द्र भाई ने जीवन लक्ष्य हेतु मानसिक शक्ति विकास, बी.के. सीता बहन ने मूल्यों का संवर्धन, पुलिस कास्टेबल सुमन लता बहन ने आत्म सुरक्षा, बी.के. कविता बहन ने दिव्य गुणों का विकास व बी.के. दीपशिखा बहन ने बेहतर भविष्य के लिए मानवीय मूल्य पर कक्षाएं कराईं। सर्वश्रेष्ठ बालक आर्नव सिंह रहे। विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में आयुष्मान विश्वकर्मा, आयांश वर्मा, सत्यम केशरी, प्रियांशु विश्वकर्मा, आन्वी श्रीवास्तव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। पर्यावरण संरक्षण के लिए बच्चों ने गमलों में पौधे लगाकर सुरक्षा का संकल्प लिया।






