सोनभद्र मुख्यालय की कर्बला भूमि पर अवैध निर्माण प्रकरण में नया विवाद
सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज मुख्यालय स्थित कर्बला भूमि पर कथित अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों का मामला अब जनसुनवाई पोर्टल के निस्तारण को लेकर गरमा गया है। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र के मंत्री अल्ताफ अहमद कादरी ने आरोप लगाया है कि IGRS पोर्टल पर उनकी शिकायत का निस्तारण करने के लिए एक माह पुरानी और अलग शिकायत संख्या वाली आख्या अपलोड कर दी गई।


मामला ग्राम बभनौली, तहसील सदर की आराजी संख्या-55 से जुड़ा है। राजस्व अभिलेखों में यह भूमि श्रेणी 6/3 में धार्मिक श्रेणी “कर्बला भूमि” के रूप में दर्ज है। अल्ताफ अहमद कादरी का आरोप है कि उक्त भूमि पर अवैध निर्माण कर व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं। उन्होंने 20 अप्रैल 2026 को जिलाधिकारी को शिकायत पत्र सौंपा, जिसके बाद 23 अप्रैल 2026 को जनसुनवाई पोर्टल पर संदर्भ संख्या 20020026003072 दर्ज हुई।
कादरी के अनुसार यह भूमि उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा-67 के तहत तहसीलदार न्यायिक, रॉबर्ट्सगंज के न्यायालय में पहले से विचाराधीन है। मुकदमा संख्या T202616660101016 है। शिकायत में मांग की गई थी कि वाद के निस्तारण तक भूमि पर गतिविधियां रोकी जाएं और निष्पक्ष जांच हो।
विवाद तब बढ़ा जब अंतिम तिथि पर पोर्टल पर अपलोड निस्तारण आख्या की तारीख 24 मार्च 2026 निकली, जबकि शिकायत अप्रैल में दी गई थी। आख्या में शिकायत संख्या भी अलग दर्ज थी। कादरी ने आशंका जताई कि किसी अन्य प्रकरण की आख्या लगाकर औपचारिक निस्तारण दिखाया गया।
प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि यदि बिना जांच के पूर्व दिनांकित आख्या लगाकर निस्तारण हो रहा है तो जनसुनवाई की विश्वसनीयता पर सवाल उठेंगे। गौरतलब है कि सोनभद्र IGRS निस्तारण में प्रदेश में टॉप रैंक पर है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या रैंकिंग बनाए रखने के लिए औपचारिक निस्तारण किया जा रहा है।
भाजपा नेता अल्ताफ अहमद कादरी ने जिलाधिकारी से उच्चस्तरीय जांच और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने जनसुनवाई पोर्टल पर पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने की भी मांग उठाई है।





