नौगढ़, चंदौली- उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, चंदौली की ओर से मंगलवार को नौगढ़ ब्लॉक सभागार में एक दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों और युवाओं को स्वरोजगार से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में जिला ग्रामोद्योग अधिकारी गिरजा प्रसाद ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना और मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना और युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत अब ऋण की अधिकतम सीमा 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, महिलाओं और भूतपूर्व सैनिकों को जिला योजना के तहत ब्याज में विशेष छूट का लाभ दिया जाता है। इन योजनाओं के लिए आवेदक की आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के तहत घड़ा, सुराही, कुल्हड़, खिलौने, कप-प्लेट सहित मिट्टी से जुड़े उत्पाद बनाने के लिए उद्योग स्थापित करने हेतु बैंकों से 10 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। योजना में परियोजना लागत का 5 प्रतिशत उद्यमी को स्वयं लगाना होता है, जबकि 95 प्रतिशत राशि बैंक ऋण के रूप में दी जाती है। साथ ही पूंजीगत ऋण पर 25 प्रतिशत मार्जिन मनी की छूट भी शासन की ओर से प्रदान की जाती है।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक उत्तर प्रदेश का मूल निवासी, 18 वर्ष से अधिक आयु का और साक्षर होना चाहिए। 5 लाख रुपये से अधिक की परियोजना के लिए कक्षा 8 पास होना अनिवार्य है। माटीकला योजना के लिए संबंधित कार्य का प्रशिक्षण या अनुभव भी आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड कुटीर उद्योग, माटीकला, मधुमक्खी पालन, बांस एवं बेंत शिल्प, आभूषण निर्माण, चूड़ी निर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, तेल उद्योग, दुग्ध उत्पाद और पशुचारा जैसे कई पारंपरिक उद्योगों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का कार्य कर रहा है। शिविर में मौजूद लोगों ने योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर आवेदन प्रक्रिया से जुड़े सवाल भी पूछे।






