सोनभद्र। राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) ने धान क्रय केंद्रों को चालू कराने की मांग को लेकर बुधवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष श्रीकांत त्रिपाठी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि जनपद में हाट शाखा एवं पीसीएफ के बंद पड़े धान क्रय केंद्रों को पूर्ण क्षमता के साथ चालू कराया जाए।
ज्ञापन में अवगत कराया गया है कि सोनभद्र के चतरा, रामगढ़, नगवां एवं घोरावल विकासखंडों में निवासरत किसानों की आजीविका का मुख्य आधार कृषि है। धान एवं गेहूं की सरकारी खरीद किसानों के लिए अत्यंत आवश्यक है, लेकिन शासन की प्रतिकूल नीतियों और अधिकारियों की उदासीनता के कारण किसान लगातार उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं।
श्रीकांत त्रिपाठी ने कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री द्वारा किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प को मौजूदा क्रय व्यवस्था से गंभीर क्षति पहुंच रही है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में सुनियोजित तरीके से धान क्रय व्यवस्था में बदलाव कर किसानों को नुकसान पहुंचाया गया है।
उन्होंने बताया कि जनपद सोनभद्र की धान उत्पादकता मिर्जापुर से अधिक होने के बावजूद यहां का क्रय लक्ष्य कम निर्धारित किया गया है। 14 जनवरी 2026 से अधिकांश क्रय केंद्रों के कांटे बंद कर दिए गए हैं, जबकि कुछ केंद्रों पर मात्र 50 से 75 कुंतल प्रतिदिन की नाममात्र खरीद की जा रही है।
जिलाध्यक्ष ने मांग की कि दो कार्यदिवस के भीतर सभी बंद क्रय केंद्रों को 300 कुंतल प्रतिदिन की क्षमता के साथ चालू कराया जाए, अन्यथा आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन सौंपते समय जिला महामंत्री रोहित सिंह, जिला उपाध्यक्ष चंद्रशेखर विश्वकर्मा, भोला बाबा सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।







