100 से अधिक जगहों पर बने गहरे गड्ढे, जिलाधिकारी से उच्चस्तरीय जांच की मांग
म्योरपुर (सोनभद्र)। स्थानीय ब्लॉक की सबसे बड़ी और विकास कार्यों से अछूती ग्राम पंचायत कुलडोमरी में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सिदहवा से खजूरा, महुलानी होते हुए जोगिंद्रा तक करीब 28 किलोमीटर लंबी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत निर्मित सड़क एक साल के भीतर ही जगह-जगह उखड़ने लगी है। सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
ग्रामीण सुरेश, रामजतन, बबन, सुनीता, देवधारी, रामप्रीत और रामलखन सहित अन्य लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान ही गुणवत्ता और निर्धारित मानकों की अनदेखी को लेकर आपत्ति जताई गई थी, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया। अब सड़क की स्थिति यह है कि सौ से अधिक स्थानों पर गहरे गड्ढे बन गए हैं और कई जगह गिट्टियां उखड़ने लगी हैं। इससे राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि आदिवासी बाहुल्य और लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं से जूझ रही कुलडोमरी पंचायत के लिए यह सड़क आवागमन का प्रमुख साधन है। ऐसे में महज एक साल के भीतर इतनी लंबी सड़क का खराब होना निर्माण कार्य की गुणवत्ता और विभागीय निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, तकनीकी विशेषज्ञों की टीम गठित कर सड़क निर्माण में प्रयुक्त सामग्री और गुणवत्ता की जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में अवर अभियंता विष्णु कुमार यादव ने बताया कि सड़क निर्माण कराने वाले ठेकेदार की पांच साल तक मरम्मत की जिम्मेदारी होती है। यदि सड़क पर गड्ढे हो गए हैं तो उन्हें ठीक कराने की जिम्मेदारी ठेकेदार की है। उन्होंने कहा कि वे सामान्य कार्य देखते हैं, जबकि सड़क से संबंधित मरम्मत और अन्य कार्यों के लिए अलग विभाग है।









