राजेश कुमार पाठक
ढाई-ढाई हजार रूपये अर्थदंड, न देने पर 3-3 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी
जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित की जाएगी
करीब 12 वर्ष पूर्व लाठी- डंडे, हाकी, बैट से मारपीट कर गम्भीर चोट पहुंचाने का मामला
सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में करीब 12 वर्ष पूर्व पुरानी रंजिश में लाठी-डंडे, हॉकी से मारपीट कर गम्भीर चोट पहुंचाने के मामले में मंगलवार को सुनवाई करते हुए सत्र न्यायाधीश राम सुलीन सिंह की अदालत ने दोषसिद्ध पाकर दो दोषियों सुल्तान उर्फ छोटू व रोशन पनिका को 5-5 वर्ष का कठोर कारावास की सजा सुनाई। इनके ऊपर ढाई-ढाई हजार रूपये अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड न देने पर 3-3 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक विनोद कुमार सिंह पुत्र स्वर्गीय द्वारिका सिंह निवासी बेलवादह , थाना पिपरी ने अनपरा थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया था कि 24 अगस्त 2014 को अनपरा थाना क्षेत्र के डिबुलगंज का सुल्तान उर्फ छोटू पुत्र आजाबू खान,रोशन पनिका समेत 4 लोग उसके यहां रखा पुराना लोहा उठाते हुए पकड़े गए जिन्हें बाद में माफी मांगने पर छोड़ दिया गया।
इसी बात की रंजिश को लेकर 31 अगस्त 2014 की शाम उसके भाई बृजेश कुमार सिंह उर्फ बबलू को डिबुलगंज दुर्गा मंदिर के पास बुलाकर लाठी डंडे व हॉकी से बेरहमी से पिटाई कर बेहोशी हाल में फेक दिया। इसकी जानकारी मिलने पर मौके पर बबलू को बेहोशी हाल में मध्य प्रदेश के विन्ध्यनगर अस्पताल में भर्ती कराया गया।जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद गम्भीर हालत को देखते हुए वाराणसी रेफर कर दिया। आवश्यक कार्रवाई करें। इस तहरीर पर पुलिस ने चार लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया।दर्ज कर लिया। विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था।
मामले की सुनवाई के दौरान जहां अभियुक्तगणों के अधिवक्ता ने पहला अपराध बताते हुए कम से कम दंड दिए जाने की याचना की, वहीं जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ज्ञानेंद्र शरण रॉय ने गम्भीर मामला बताते हुए अधिक से अधिक दंड देने की याचना की। अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद दोषसिद्ध पाकर दोषियों सुल्तान उर्फ छोटे व रोशन पनिका को 5-5 वर्ष का कठोर कारावास की सजा सुनाई। इनके ऊपर ढाई-ढाई हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड न देने पर 3-3 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी। दो अन्य आरोपियों की विचारण के दौरान मौत हो गई। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित होगी।










