भूदान से सामाजिक बदलाव की राह दिखाने वाले विनोबा को किया नमन
बनवासी सेवा आश्रम में संत विनोबा भावे की 131वीं जयंती मनाई गई
म्योरपुर/सोनभद्र।म्योरपुर ब्लॉक के गोविंदपुर स्थित सामाजिक संस्थान बनवासी सेवा आश्रम में गुरुवार को भारत रत्न आचार्य विनोबा भावे की 131वीं जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम में उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके विचारों और सामाजिक योगदान को याद किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. विभा, शिवशरण सिंह, सर्वजीत सिंह और प्रदीप पांडेय ने आचार्य विनोबा भावे के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि विनोबा भावे ने महात्मा गांधी के विचारों को आगे बढ़ाते हुए अहिंसा, ग्राम स्वराज और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का काम किया। उनका भूदान आंदोलन देश में भूमि के असमान वितरण के बीच सामाजिक न्याय और सहयोग की अनूठी पहल थी।
वक्ताओं ने बताया कि विनोबा भावे ने गांव-गांव पदयात्रा कर भूमिधरों से अपनी भूमि का कुछ हिस्सा भूमिहीनों को दान करने की अपील की। इस आंदोलन ने हजारों गांवों में सामाजिक चेतना पैदा की और भूमि को केवल संपत्ति नहीं, बल्कि समाज के जरूरतमंद लोगों के अधिकार से जोड़ने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि आज बढ़ती असमानता, पर्यावरण संकट और गांवों से पलायन के दौर में विनोबा के भूदान, ग्रामदान, स्वावलंबन और सर्वोदयी समाज के विचार और अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। उनके विचारों को जीवन और गांव के विकास से जोड़कर ही सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सकती है।
कार्यक्रम में आश्रम से जुड़े कार्यकर्ताओं, ग्रामीणों और अन्य लोगों ने विनोबा भावे के बताए रास्ते पर चलने तथा समाज के कमजोर वर्गों के हित में कार्य करने का संकल्प लिया।मौके पर शुभा प्रेम,विमल सिंह,देवनाथ सिंह, सुरेश कुमार,निलेश, विजय कन्नौजिया, राम प्रकाश,नीता, मनीष विश्वकर्मा, बिहारी ,आदि उपस्थित रहे।






