— सोनभद्र मे सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में तीन वर्षीय माइनिंग डिप्लोमा पाठ्यक्रम किए जाए संचालित
— जिले मे खनन की अपार संभावना फिर भी माइनिंग कोर्स अपेक्षित
म्योरपुर (सोनभद्र )।
सोनभद्र जिले में सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में माइनिंग डिप्लोमा कोर्स संचालित ना होने से यहां के युवाओं को कोर्स करने के लिए प्रदेश के अन्य जिलों एवं अन्य प्रदेशों में जाकर माइनिंग कोर्स की पढ़ाई के लिए जाना पड़ता है। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण यहां के आदिवासी युवा एवं अन्य सभी वर्गों के युवाओं के लोग आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण माइनिंग कोर्स की पढ़ाई के लिए कइ सौ किमी की यात्रा करने एवं अन्य प्रदेशो मे इस कोर्स के संचालित होने की वजह से वह बाहर नहीं जा पाते, जिसके कारण वह इस पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं। जिले में स्थित कई छोटे,बड़े सरकारी एवं प्राइवेट औद्योगिक स्थापित है,जहां खनन होता है।सोनभद् जिले मे सरकारी और प्राइवेट औद्योगिक कम्पनिया है,जहां पर खनन क्षेत्र मे नौकरी की अपार संभावना है।कोल इंडिया की अनुसंधी कम्पनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल),सीसीएल,बीसीसीएल,एमसीएल,डब्लूसीएल,एसइसीएल, ईसीएल,सीएमपीडीआइ जैसे सरकारी और प्राइवेट सेक्टर मे ओबरा एवं डाला में स्थित पत्थर की माइंस स्थापित है जिसमें कि यहां के युवाओं को खनन क्षेत्र में नौकरी की अपार संभावना हैं।अगर जिले में भी सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजो में तीन वर्षीय माइनिंग कोर्स संचालित कर दिए जाएं तो यहां के गरीब आदिवासी और सभी वर्ग के युवाओं को भी इस फील्ड में जाने का एक अच्छा सुनहरा मौका मिल सकता है।माइनिंग डिप्लोमा कोर्स के पूर्व छात्र उज्ज्वल पांडेय,ज्ञानप्रकाश यादव एवं माइनिंग तृतीय वर्ष के छात्र किशन मिश्रा ने बताया लगभग सात सौ किमी की यात्रा करने के बाद हम लोग कालेज ट्रेन के सहारे पहुंचते जो कि अधिक दूर है और हम लोग को ठंड के मौसम मे बहुत जयादा दिक्कतो का सामना करना पड़ता है।डिप्लोमा के पूर्व छात्र प्रशांत दुबे ने बताया कि उत्तर प्रदेश मे एकमात्र ललितपुर जिले के तालबेहट मे सिर्फ सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज मे तीन वर्षीय माइनिंग पाठ्यक्रम कोर्स संचालित है।
पॉलिटेक्निक कॉलेज मे माइनिंग डिप्लोमा कोर्स संचालित करने की मांग
तीन वर्षीय माइनिंग डिप्लोमा पाठ्यक्रम जिले के सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में अगर संचालित हो जाते हैं तो सोनभद्र के आदिवासी युवक और सभी वर्ग के युवाओ को कम फीस मे डिग्री के साथ माइंस में पाई जाने वाली गैस जैसे-गरम गैस (CH4),ठंडी गैसCO2,खूनी गैसCO,खांसी गैसNO,NO2,पोचा गैस या सड़ी गैसH2S,गंधक गैसSO2,हाईड्रोजन गैसH2,आग की गैस,विस्फोट जनित गैस एवं ब्लास्टटिंग के बारे में विद्यवत रूप से एवं बारीखीयां से जानकारियां मिलेंगी और यही नही ओपनकास्ट और अंडरग्राउंड मांइस मे संचालित होने वाली हैवी अर्थ मूभींग मशीनरी (एचईएमएम)जैसे कि भारी क्षमता वाले कैटरपीलर, कमसतु,बीईएमएल डंपर, शावेल,ड्रगलाइन, पेलोडर,ग्रेडर,सरफेस माइनर,ड्रिल,क्रेन एवं भूमिगत खदान मे LHD (लोड हाल डम्प),SDL(साइड डिसचार्ज लोडर)
आदि मे कम एवं भारी क्षमता वाले हैवी मशीन की जानकारीयां प्राप्त होंगी।कुछ वर्षो पूर्व मे ही बदले गए कोल माइंस रेगुलेशन एक्ट (सीएमआर 2017)कि विधि को भी जान सकेंगे।और इसी के साथ- साथ खनन क्षेत्र मे सरकारी एवं प्राइवेट सेक्टर में नौकरी के सुनहरे अवसर प्राप्त होगें।जिससे इस क्षेत्र मे निवास करने वाले आदिवासी वर्ग एवं सभी वर्ग के युवा विद्यार्थी का भविष्य उज्ज्वल और नई दिशा देगा।






