12 बीघा पहाड़ी का हुआ पट्टा, प्रधान ने डीएम से लगाई न्याय की गुहार
म्योरपुर, सोनभद्र। दुद्धी तहसील के ग्राम पंचायत झारोकला में आस्था और प्राकृतिक धरोहर के रूप में स्थित शिव पहाड़ी को बचाने के लिए ग्राम प्रधान को अपनों से ही लोहा लेना पड़ रहा है। 12 बीघा में फैली डेढ़ सौ फीट ऊंची पहाड़ी का पट्टा किए जाने से गांव में आक्रोश है। पट्टा निरस्त करने की मांग
ग्राम प्रधान बबीता देवी ने आरोप लगाया कि साल 2007 में तत्कालीन ग्राम प्रधान और राजस्व कर्मियों ने 12 बीघा क्षेत्र में फैली पहाड़ी में से 7 बीघा भूमि का पट्टा कर दिया। प्रधान का कहना है कि जिन्हें पट्टा मिला है उनके पास पहले से पर्याप्त जमीन है और वे पिछड़ी जाति के हैं। प्रधान ने कहा कि यह खेती वाली जमीन नहीं है। यह शुद्ध रूप से पहाड़ी है जहां पेड़-पौधे और जड़ी-बूटियों का संरक्षण होता रहा है। पहाड़ी के ऊपर भगवान शिव का प्राचीन मंदिर स्थित है। शिवरात्रि पर यहां हजारों श्रद्धालु पूजा और मेले में जुटते हैं। आस्था और पर्यटन से जुड़ी है पहाड़ी
बबीता देवी के मुताबिक यह मंदिर आसपास के एक दर्जन गांवों के हजारों लोगों की आस्था का प्रतीक है और अब पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगर राजस्व विभाग ने पट्टा देने से पहले स्थलीय जांच की होती तो पहाड़ी का पट्टा नहीं होता। प्रधान ने राजस्व विभाग से उच्च स्तरीय जांच कर पट्टा निरस्त करने की मांग की है, ताकि आस्था और प्राकृतिक संरक्षण को नुकसान न पहुंचे। मामला डीएम कार्यालय में लंबित
इस संबंध में लेखपाल अलाउद्दीन से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वर्तमान में मामला डीएम सोनभद्र के यहां लंबित है।
अब ग्राम प्रधान और ग्रामीणों को डीएम से न्याय की उम्मीद है।






