अमित मिश्रा
हर घर तिरंगा अभियान-2026 को सफल बनाने हेतु अधिकारियों के साथ की बैठक
हर घर तिरंगा अभियान-2026 को सफल बनाने के लिए जिलाधिकारी़ ने दिए आवश्यक निर्देश
प्रत्येक घर तक तिरंगा पहुंचाने एवं ध्वज संहिता का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने पर जिलाधिकारी का जोर
सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने के लिए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि अभियान को जनभागीदारी के साथ उत्सव के रूप में मनाते हुए प्रत्येक घर तक तिरंगा पहुंचाने का लक्ष्य समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने निर्देशित किया कि अभियान के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे राष्ट्रीय ध्वजों का निर्माण भारतीय ध्वज संहिता के अनुरूप गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि तैयार ध्वजों का समयबद्ध वितरण कर अधिकाधिक नागरिकों को अभियान से जोड़ा जाए, जिससे स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रत्येक घर पर सम्मानपूर्वक तिरंगा फहराया जा सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों, विकास खंडों एवं संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित किया जाए। साथ ही स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित ध्वजों के भुगतान एवं वितरण की प्रक्रिया भी पारदर्शी एवं समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता एवं नागरिक कर्तव्य की भावना को सुदृढ़ करने का जनआंदोलन है। सभी अधिकारी अभियान को पूरी गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ सफल बनाने हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें। तिरंगा झण्डा फहराते समय बरती जाने वाला सावधानियां तिरंगे को हमेशा सम्मान के साथ फहराया जाए। झंडा आयताकार होना चाहिए तथा इसकी लंबाई-चौड़ाई का अनुपात 3-2 होना चाहिए। केसरिया रंग हमेशा ऊपर रहेगा। झंडा जमीन, पानी या फर्श को नहीं छूना चाहिए। फटा, गंदा या क्षतिग्रस्त तिरंगा नहीं फहराना चाहिए। तिरंगे पर कुछ भी लिखना, छापना या चित्र बनाना प्रतिबंधित है।
तिरंगे का उपयोग मेज, वाहन, मंच, मूर्ति या किसी वस्तु को ढकने के लिए नहीं किया जा सकता। किसी अन्य झंडे को तिरंगे से ऊपर या उससे अधिक सम्मानजनक स्थान पर नहीं लगाया जा सकता। वर्तमान नियमों के अनुसार, यदि तिरंगे को सम्मानपूर्वक प्रदर्शित किया जाए, तो उसे दिन और रात दोनों समय फहराया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान सभी लोग सावधान की मुद्रा में खड़े होकर राष्ट्रध्वज का सम्मान करें तथा राष्ट्रगान के समय अनुशासन बनाए रखना।






