“सोनभद्र । उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिला अध्यक्ष कौशल शर्मा ने शुक्रवार को जिलाधिकारी से मुलाकात कर जनपद में सोन महोत्सव की तर्ज पर “मेगा पर्यटन एवं उद्योग महोत्सव” आयोजित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
श्री शर्मा ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए कहा कि सोनभद्र में सोन महोत्सव 2009-10 में जिला प्रशासन द्वारा शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य जिले की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक संगीत, कला और जनजातीय विरासत को बढ़ावा देना था। साथ ही स्थानीय और जनजातीय कलाकारों को मंच देना, सोनभद्र की प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक धरोहरों को राज्य स्तर पर पहचान दिलाकर पर्यटन को बढ़ावा देना भी इसका मुख्य लक्ष्य था।
उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों से यह महोत्सव बंद पड़ा है। जबकि यह आयोजन सोनभद्र की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक रहा है।
कौशल शर्मा ने मांग की कि यदि इस कार्यक्रम को राज्य सरकार मेगा पर्यटन एवं उद्योग महोत्सव के रूप में विकसित करे तो यह केवल सांस्कृतिक आयोजन न रहकर पर्यटन, उद्योग, निवेश, एमएसएमई, ओडीओपी, हस्तशिल्प, जनजातीय कला और स्थानीय उद्यमिता का राष्ट्रीय मंच बन सकता है।
उन्होंने प्रस्ताव में कहा कि पर्यटन विभाग, औद्योगिक विकास विभाग, संस्कृति विभाग, वन विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में हर साल इसका भव्य आयोजन किया जाए। इसके लिए देश के बड़े निवेशकों, उद्योगपतियों, पर्यटन विशेषज्ञों और ट्रेवल एजेंसियों को आमंत्रित कर सोनभद्र की औद्योगिक और पर्यटन संभावनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
श्री शर्मा ने महोत्सव के लिए पृथक बजट आवंटित करने और उच्च स्तरीय आयोजन समिति गठित करने की भी मांग रखी। साथ ही इसे उत्तर प्रदेश के प्रमुख आयोजनों की श्रेणी में शामिल करने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि इस आयोजन से सोनभद्र को पर्यटन, उद्योग, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी। इससे स्थानीय व्यापार, हस्तशिल्प, होटल, परिवहन और सेवा क्षेत्र को नई गति मिलेगी और “विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत” के संकल्प को मजबूती मिलेगी।






