अमित मिश्रा
O- कहा- चुनाव जिताएंगे, कैबिनेट मंत्री भी बनाएंगे; भाजपा के PDA नेताओं से भी सपा में आने की अपील
सोनभद्र (उत्तर प्रदेश) । उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया राजनीतिक संदेश देते हुए रॉबर्ट्सगंज लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद छोटेलाल सिंह खरवार ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर और निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद को समाजवादी पार्टी में अपनी-अपनी पार्टियों का विलय करने का खुला ऑफर दिया है।

सपा सांसद ने अपने X (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर पोस्ट कर कहा कि यदि ओम प्रकाश राजभर और संजय निषाद समाजवादी पार्टी में शामिल होते हैं तो उन्हें चुनाव जिताने के साथ-साथ कैबिनेट मंत्री बनाए जाने का भी प्रयास किया जाएगा।

छोटेलाल खरवार ने कहा कि राजनीति में कौन किस दल के साथ जाएगा और किसका विलय किस पार्टी में होगा, इसका फैसला समय करेगा। उन्होंने दावा किया कि ओम प्रकाश राजभर और संजय निषाद दोनों PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं और समाजवादी पार्टी में आने पर खुलकर अपनी बात रख सकेंगे।
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भाजपा में PDA वर्ग के नेताओं और सहयोगी दलों को अपनी बात कहने की पूरी स्वतंत्रता नहीं मिलती। सपा सांसद ने भाजपा में मौजूद PDA नेताओं से भी समाजवादी पार्टी में शामिल होने की अपील की।

खरवार ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का जिक्र करते हुए कहा कि पहले उन्होंने समाजवादी पार्टी को कमजोर करने का प्रयास किया था, लेकिन अखिलेश यादव ने उन्हें 100 विधायक लेकर आने पर मुख्यमंत्री बनाने की बात कही थी। उन्होंने दावा किया कि इसके बाद केशव प्रसाद मौर्य की ओर से ऐसी राजनीतिक बयानबाजी कम हो गई।
सपा सांसद ने यह भी दावा किया कि समाजवादी पार्टी के PDA सामाजिक समीकरण के सामने भाजपा के कई बड़े नेताओं को चुनावी हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा किउत्तरप्रदेश सरकार मे उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, संजय निषाद के पुत्र, ओम प्रकाश राजभर के पुत्र और दारा सिंह चौहान समेत कई प्रमुख नेता चुनाव हार चुके हैं। उनके अनुसार वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में PDA समीकरण के कारण भाजपा को उत्तर प्रदेश में बड़ा नुकसान हुआ और 2027 के विधानसभा चुनाव में भी यही राजनीतिक समीकरण निर्णायक भूमिका निभाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि छोटेलाल खरवार का यह बयान उत्तर प्रदेश में बदलते राजनीतिक समीकरणों और संभावित गठबंधन राजनीति की ओर संकेत करता है। हालांकि ओम प्रकाश राजभर और संजय निषाद की ओर से इस प्रस्ताव पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।






