सोनभद्र में बढ़ा लोकतंत्र का दायरा, 29 हजार से अधिक नए वोटर बने चुनावी खेल के ‘गेम चेंजर’

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रवि पाण्डेय / अमित मिश्रा

O- सोनभद्र में वोटरों का महाअभियान: पंचायत चुनाव से पहले 29,120 नए मतदाता जुड़े, 12.77 लाख पहुंची वोटर संख्या

O- उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनाव 2026 की तैयारी तेज, सोनभद्र में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन; कई ब्लॉकों में रिकॉर्ड वृद्धि

सोनभद्र (उत्तर प्रदेश) । आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 से पहले सोनभद्र जिले में मतदाता सूची के व्यापक पुनरीक्षण का कार्य पूरा हो गया है। जिलाधिकारी / जिला निर्वाचन अधिकारी चर्चित गौंड द्वारा जारी अंतिम आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 12,77,308 मतदाता दर्ज किए गए हैं। पुनरीक्षण अभियान के दौरान 29,120 नए मतदाता जुड़े, जिससे जिले में मतदाता संख्या में 2.33 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है।

निर्वाचन विभाग के अधिकारी जगरूप सिंह ने आंकड़े बताते हुए कहा कि मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए बड़े पैमाने पर डुप्लीकेट नामों को हटाया गया। अभियान के दौरान 4.57 लाख संभावित डुप्लीकेट प्रविष्टियों की जांच की गई, जिनमें से 13,541 नाम अंतिम सूची से हटाए गए। यह प्रक्रिया पंचायत चुनाव को अधिक निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

चोपन बना सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला ब्लॉक

जिले के विकास खंडों में चोपन सबसे आगे रहा, जहां मतदाताओं की संख्या में 8,673 की बढ़ोतरी हुई। प्रतिशत के हिसाब से यह वृद्धि 6.05% रही, जो पूरे जिले में सबसे अधिक है। इसके बाद कोन (4.93%), दुद्धी (3.34%) और नगवां (2.98%) प्रमुख रहे।

मतदाताओं की संख्या में म्योरपुर सबसे बड़ा

जिले में सबसे अधिक मतदाता म्योरपुर विकास खंड में दर्ज किए गए, जहां कुल 1,95,683 मतदाता हैं। इसके बाद घोरावल (1,72,927), राबर्ट्सगंज (1,70,315) और चोपन (1,52,099) का स्थान है। यह आंकड़े बताते हैं कि पंचायत चुनाव में इन क्षेत्रों की भूमिका निर्णायक रहने वाली है।

महिला मतदाताओं की मजबूत भागीदारी

अंतिम सूची के अनुसार जिले में 6,74,852 पुरुष और 6,02,391 महिला मतदाता हैं। महिला मतदाताओं की बड़ी संख्या यह संकेत देती है कि आगामी पंचायत चुनाव में महिलाओं की भागीदारी और प्रभाव दोनों महत्वपूर्ण होंगे।

621 ग्राम पंचायतें, 814 मतदान केंद्र

सोनभद्र की 621 ग्राम पंचायतों के लिए कुल 814 मतदान केंद्र और 2,112 मतदान स्थल निर्धारित किए गए हैं। निर्वाचन आयोग का दावा है कि प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अवसर देने के लिए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

चुनावी रणनीति पर असर

विशेषज्ञों का मानना है कि लगभग 30 हजार नए मतदाताओं का जुड़ना पंचायत चुनाव के समीकरण बदल सकता है। युवा मतदाताओं और पहली बार वोट डालने वालों की बढ़ी संख्या स्थानीय नेतृत्व के लिए नई चुनौती और अवसर दोनों लेकर आई है।

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