महानिदेशक प्रवीर रंजन ने किया लोकार्पण, पुस्तक देती है संभावनाओं को तलाशने का संदेश
सोनभद्र/नई दिल्ली। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के सहायक महानिरीक्षक (प्रशासन) जय प्रकाश आजाद द्वारा स्वरचित प्रेरणादायक पुस्तक ‘होगी जय… हे पुरुषोत्तम नवीन!’ का विमोचन मंगलवार को बल मुख्यालय, नई दिल्ली में महानिदेशक, केऔसुब प्रवीर रंजन द्वारा किया गया। यह पुस्तक राम के बहाने हर व्यक्ति के अंदर मौजूद संभावनाओं की तलाश करती है। व्यक्ति के अदम्य साहस एवं कभी भी हार न मानने के जज्बे से परिचय कराते हुए यह हर व्यक्ति के अंदर ही मौजूद राम की तलाश करती है। पुस्तक व्यक्ति को भीड़ से निकालकर एक व्यक्ति के रूप में स्थापित करती है और फिर व्यक्तित्व निर्माण के मार्ग पर ले जाती है। पुस्तक इस सत्य पर प्रकाश डालती है कि आप ईश्वर की अप्रतिम रचना हैं। आपके जैसा व्यक्ति ईश्वर ने न पहले बनाया है और न आगे बनाने वाला है। ईश्वर ने हम सभी को विशेष, योग्य और संभावनाओं से युक्त बनाया है। यह पुस्तक हर व्यक्ति और उसके अंदर मौजूद संभावनाओं को, उसकी असफलताओं और सफलताओं को देखने का एक अलग नजरिया प्रस्तुत करती है।
पुस्तक का मूल संदेश:
“सफलता पर किसी वर्ग विशेष का अधिकार नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति का जन्मसिद्ध अधिकार है। कोई भी व्यक्ति कर्म के आधार पर किसी से भी आगे निकल सकता है।”केऔसुब अपने अधिकारियों व कार्मिकों के बौद्धिक, नैतिक एवं व्यक्तित्व विकास के प्रति सदैव प्रतिबद्ध है।






