राजन
मड़िहान तिराहे पर नही थी पिकेट पुलिस, वह सौतेले भाई का आरोपी ने शव फेंका था, सौतेली मां का शव ट्रैक्टर से ले जाकर नहर में फेंका
मीरजापुर(उत्तर प्रदेश)। जनपद में मड़िहान थाना क्षेत्र के मड़िहान गांव में मंगलवार को दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर रख दिया। संपत्ति विवाद को लेकर एक युवक ने अपनी सौतेली मां और सौतेले भाई की नृशंस हत्या कर शव को नहर में फेंक दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मड़िहान कस्बा निवासी राहुल गुप्ता का पैतृक संपत्ति के बंटवारे को लेकर अपनी सौतेली मां व सौतेले भाई से विवाद चल रहा था। इस विवाद को लेकर मंगलवार की भोर में अपनी सौतेली मां ऊषा गुप्ता 55 वर्ष और सौतेले भाई आयुष गुप्ता 30 वर्ष की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दिया। युवक ने घटना को दोनो मां-बेटे घर के अंदर सो रहे थे।
बताया जा रहा है कि सभी एक ही मकान में बने पार्टिशन के सहारे अलग-अलग रहते थे। हत्या के बाद आरोपी ने अपराध छिपाने के लिए दोनों शवों को ट्रैक्टर पर लादकर ले जा रहा था। इस दौरान घटना स्थल से सौ मीटर की दूरी पर मड़िहान तिराहे पर पंहुचा था कि आयुष का शव ट्रैक्टर की बोनट से नीचे गिर गया इसके बाद उसके शव को घसीटते हुए सड़क की पटरी पर करने के बाद सौतेली मां का शव लेकर बंदइया गांव के पास स्थित घाघर नहर में फेंक कर घर वापस आ गया। मंगलवार की सुबह टहलने निकले लोगो मड़िहान तिराहे पर शव पड़ा देख चकित हो गए और धीरे धीरे शव मिलने की खबर कस्बे में आग की तरह फैल गयी।
जिसके बाद देखते ही देखते घटनास्थल पर भारी भीड़ जुट गई और पूरे कस्बे में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस शव को कब्जे में लेने के बाद घर से भाग रहे आरोपी युवक को दबोच लिया और पूछताछ के बाद हत्यारोपी के निशानदेही पर मृतका के शव को घटना स्थल से चार किलोमीटर दूर घाघर नहर से बरामद करते हुए दोनो शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर अग्रिम कार्रवाई में जुटी।
हत्यारोपी युवक की परिवारिक पृष्ठभूमि
बताते चले कि हत्यारोपी के पिता प्रेमचंद गुप्ता की पहली पत्नी का लगभग 40 वर्ष पहले निधन हो चुका था जिससे एक पुत्र जो हत्यारोपी राहुल गुप्ता व एक पुत्री गुंजन गुप्ता है। प्रेमचंद गुप्ता ने पत्नी के निधन के बाद ऊषा गुप्ता से दूसरी शादी की जिनसे एक पुत्र आयुष गुप्ता और दो पुत्रियां संध्या गुप्ता व विनीता गुप्ता जिनकी शादी हो चुकी है। प्रेमचंद गुप्ता की दो वर्ष पूर्व हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। उनके मारने के बाद परिवार की जिम्मेदारी सौतेली मां ऊषा गुप्ता पर आ गयी। वह परिवार को एकजुट रखने और संपत्ति संबंधी विवाद को सुलझाने का प्रयास कर रही थी लेकिन यह विवाद समय के साथ और गहराता चला गया।
संपत्ति के बंटवारे को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। यह विवाद उस समय गहरा गया जब आयुष गुप्ता ने मां के साथ मिलकर अपने सौतेले भाई राहुल गुप्ता का ब्लॉक अधिकारियों से मिलकर परिवार रजिस्टर से नाम कटवा दिया। जिसको लेकर राहुल व आयुष में तनातनी चल रहा था, दोबारा नाम दर्ज कराने को लेकर राहुल परेशान था। इसी बीच राहुल की सौतेली मां ने कुछ संपत्तियों को बेच दिया जिससे राहुल गुप्ता काफी नाराज व परेशान था। इधर बीच कुछ दिनों से राहुल खुद को विक्षिप्त दिखाने का ढोंग भी कर रहा था ताकि परिवार और प्रशासन की सहानुभूति मिल सके, कई बार दोनो का विवाद थाने तक गया लेकिन न्याय नही मिला जो आरोपी को बेखौफ बना दिया जो उसके चेहरे पर वारदात को अंजाम देने के बाद पश्चाताप या अफसोस नहीं देखा गया।
वही मृतक आयुष गुप्ता की पहली शादी जिगना गांव निवासी पिंकी से हुई थी लगभग सात वर्ष पूर्व पिंकी की ससुराल में संदिग्ध मौत हो गई थी मायके पक्ष के आरोप पर आयुष उसकी मां ऊषा को जेल भेजा गया था करीब एक वर्ष तक जेल में रहने के बाद दोनों पक्षों में समझौता होने के बाद रिहाई हुई इसके बाद आयुष की दूसरी शादी दो वर्ष पूर्व ददरी गांव में हुई थी लेकिन पति-पत्नी के बीच अनबन के चलते दोनों अलग-अलग रह रहे हैं
वही आरोपी राहुल गुप्ता को पिता की मौजूदगी में मड़िहान बाजार के राबर्ट्सगंज रोड पर गिट्टी बालू सरिया की दुकान चलता था लगभग चार पांच वर्ष दुकान चलाने के बाद क्षेत्र के लोगों को उधार सामान दे दिया दुकान टूटने के कगार पर खड़ी हो गई। पिता की डांट खाने के भय से वर्ष 2016 में अचानक घर छोड़कर चला गया जिसके बाद दुकान को आयुष गुप्ता देख रहा था। छह वर्ष तक आरोपी राहुल घर से लापता था। पिता की मौत के बाद वर्ष 2023 में वापस आया इसके बाद से प्रापर्टी की चल व अचल संपत्ति के बंटवारे को लेकर दोनो भाइयों के बीच विवाद चलने लगा जबकि
पिता ठेकेदार थे उनके मरने के बाद जमा ठीकेदारी के लिए विभाग में जमा सिक्योरटी के लाखों रुपए के बंटवारे को लेकर विवाद होने लगा। आरोपी राहुल की सौतेली मां व भाई उसका हक नहीं देना चाहते थे जिसको लेकर हमेशा विवाद होता रहा।
पुलिस की लापरवाही
चर्चा का विषय रहा कि मड़िहान तिराहे पर हत्यारोपी ने अपने सौतेले भाई के शव को जमीन से घसीट कर पटरी पर फेंका अगर पिकेट ड्यूटी पर पुलिस रहती तो सौतेली मां के शव को नहर में नहीं फेंक पाता वह वही दबोच लिया जाता।
इस मामले में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है। संपत्ति विवाद, पारिवारिक कलह और आरोपी की मानसिक स्थिति सहित सभी पहलुओं की बारीकी से छानबीन की जा रही है। प्रारंभिक जांच में संपत्ति विवाद को ही हत्या का मुख्य कारण माना जा रहा है।






