तितली आसन पीरियड के दर्द के साथ पीसीओडी, प्रोस्टेट समस्याओं में भी फायदेमंद: डॉ. अर्चिता

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योगा टीचर और न्यूट्रिशनिस्ट ने बताए बटरफ्लाई पोज के लाभ, कूल्हों का लचीलापन और पाचन भी होगा बेहतर

सोनभद्र। डॉ. अर्चिता महाजन, न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर एक्सपर्ट, मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन, होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर ने बताया कि तितली आसन (बटरफ्लाई पोज) पीरियड के दर्द के अलावा कई स्वास्थ्य लाभ देता है। डॉ. महाजन पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए नॉमिनेटेड हैं और पंजाब सरकार, हिमाचल सरकार तथा लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख कविंदर गुप्ता द्वारा सम्मानित हैं। उन्होंने बताया कि तितली आसन के प्रमुख लाभों में कूल्हों और जांघों में लचीलापन बढ़ाना, पेल्विक क्षेत्र में रक्त संचार सुधारना और कमर दर्द से राहत पाना शामिल है। यह आसन पाचन को बेहतर बनाने, पीरियड्स के दर्द को कम करने, पेट की चर्बी कम करने और तनाव दूर करने में बहुत प्रभावी है। यह जांघों की जकड़न को दूर करता है और प्रोस्टेट स्वास्थ्य के लिए भी उत्तम है।

तितली आसन के प्रमुख स्वास्थ्य लाभ:

कूल्हे और जांघों का लचीलापन: यह आसन कूल्हों, जांघों और घुटनों के अंदरूनी हिस्सों में खिंचाव लाता है, जिससे उनमें जकड़न दूर होती है और लचीलापन बढ़ता है। प्रजनन प्रणाली और महिलाओं के लिए: यह श्रोणि क्षेत्र में रक्त के प्रवाह को बढ़ाता है, जिससे पीसीओडी/पीसीओएस, अनियमित पीरियड्स और बांझपन जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है। गर्भावस्था में सहायक: गर्भवती महिलाओं के लिए यह एक उत्कृष्ट आसन है, जो प्रसव की प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद कर सकता है। पाचन क्रिया में सुधार: यह पेट के निचले हिस्सों को उत्तेजित करता है, जिससे कब्ज, गैस और ब्लोटिंग जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। कमर दर्द से राहत: यह निचले हिस्से में रक्त संचार बढ़ाता है और नसों को आराम देकर कमर के दर्द में आराम देता है।मानसिक शांति और थकान दूर करना: यह आसन तनाव को कम करता है और लंबे समय तक बैठने या खड़े रहने से होने वाली थकान को दूर कर मन को शांत करता है। प्रोस्टेट स्वास्थ्य (पुरुषों के लिए): 40 की उम्र के बाद नियमित अभ्यास से प्रोस्टेट संबंधी समस्याओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।

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