शिक्षकों की कमी व कुप्रबंधन के विरोध में संयुक्त सौंपा ज्ञापन

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

सोनभद्र। विंढमगंज स्थित भारती इंटरमीडिएट कॉलेज में शिक्षकों के मनमाने स्थानांतरण और प्रबंधन की लड़खड़ाती स्थिति को लेकर बृहस्पतिवार को अभिभावकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। राज्य मंत्री संजीव गोंड, जिलाधिकारी सोनभद्र और जिला विद्यालय निरीक्षक को एक संयुक्त ज्ञापन सौंपा गया।

प्रतिनिधियों ने बताया कि झारखंड सीमा के निकट स्थित यह कॉलेज एक समय दो हजार से अधिक छात्रों का प्रमुख शैक्षिक केंद्र था। पिछले बारह वर्षों में प्रबंध समिति की लापरवाही और लगातार शिक्षकों की कमी के कारण छात्र संख्या घटकर लगभग एक हजार रह गई है। विशेष रूप से अंग्रेजी के एकमात्र शिक्षक दिनेश मणि त्रिपाठी और गणित के शिक्षक चंदन प्रजापति के हालिया स्थानांतरण को गंभीर मुद्दा बताया गया और तत्काल जांच तथा योग्य शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की गई।

ज्ञापन में प्रधानाचार्य सहित सभी रिक्त पदों पर शीघ्र बहाली, 60‑70 वर्ष पुराने जर्जर भवन का ध्वस्तीकरण कर नया भवन निर्माण, विद्यालय परिसर व खेल मैदान की भूमि की सुरक्षा, जामपानी स्थित भूमि को कब्जा‑मुक्त कराना तथा निष्क्रिय प्रबंध समिति के कार्यकाल में हुए आय‑व्यय की निष्पक्ष जांच की भी मांग की गई है। साथ ही प्रबंध समिति को भंग कर कॉलेज को राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज का दर्जा देने की अपील की गई है।

ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में सुरेंद्र कुमार पासवान, ओ. पी. यादव, अजय कुमार गुप्ता, ओम रावत, संजय कुमार गुप्ता, लवकुश चंद्रवंशी, लक्ष्मण कुशवाहा, राकेश पासवान, उपेंद्र पासवान, अभिषेक प्रताप सिंह और भाजपा मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी शामिल थे। कार्यक्रम में म्योरपुर ब्लॉक प्रमुख मान सिंह गोंड की विशेष सहभागिता रही। प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र के हित में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

Leave a Comment

1402
वोट करें

भारत की राजधानी क्या है?