राशन-मानदेय में लाखों की हेराफेरी, धमकी देकर वसूली का आरोप; महिलाओं ने जताया आक्रोश
सोनभद्र। घोरावल ब्लाक के बुद्ध प्रेरणा महिला संकुल संघ क्लस्टर शाहगंज की
सीएल्फ
पदाधिकारी महिलाओं ने बीएमएम प्रदीप और बीके पूजा पर घूसखोरी व उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मंगलवार को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा। महिलाओं ने दोनों को तत्काल हटाने व ट्रांसफर करने की मांग उठाई।
प्रार्थना पत्र में महिलाओं ने बताया कि 5 साल का ड्राई राशन का भाड़ा और 11 माह का मानदेय जो पिछले वर्ष मिला, उसमें बीएमएम प्रदीप और बीके पूजा ने डीसी के नाम पर श्वेता से 50,000, श्यामा से 12,000 व अन्य समूह सखियों से 5,000-5,000 रुपये घूस ली। सोनी का 1,92,000 रुपये भाड़ा आया, पर उसे सिर्फ 40,000 रुपये मिले, 1,52,000 रुपये का कोई पता नहीं है।
महिलाओं का आरोप है कि बीके पूजा गरीबों की मजदूरी में से घूस लेती हैं और विरोध करने पर पद से हटाने की धमकी देती हैं। बीके पूजा बोलती हैं कि मैं ऊपर वालों का घूस देती हूं। समूह सखियों को गंदे शब्द में प्रताड़ित किया जाता है और पैसा न देने पर पद से हटाने की धमकी दी जाती है। 5 साल से कार्यरत श्यामा दीदी को मानदेय मिलने पर अनपढ़ बताकर निकाल दिया गया।
महिलाओं ने कहा कि हम लोग पिछले कई बार जिले पर लेटर दे चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सीडीओ मैम और अडीओ , बीडीओ को लेटर सहित सूचना दी गई थी। डीसी मैम ने भीम और ब्लाक के अधिकारी डीडीओ और बीडीओ को जांच करने के लिए बोला था, लेकिन 2 माह बीत गए आज तक न कोई सुनवाई हुई न कोई जांच हुई।
सीएलएफ पर जो पदाधिकारी बनाई गई हैं, उन लोगों से बिना अमाउंट का जबरजस्ती सिग्नेचर करवाया जाता है। जब लोग सिग्नेचर करने से मना करते हैं तो बीके पूजा धमकी देती हैं कि पद से हटा दूंगी। महिलाओं ने सवाल उठाया कि क्या अपने हक और मेहनत की कमाई पाने के लिए धमकी और घूस देनी पड़ेगी।
पीड़ित महिलाओं ने जिलाधिकारी से आग्रह किया कि यदि जांच नहीं होगी तो बीएमएम प्रदीप और बीके पूजा को यहां से ट्रांसफर कर दिया जाए। इस मौके पर दीपा कुमारी, ईशा, सुनीता, ज्योति, शीखी, ममता, सुनैना, नातेश, मोनिका चौधरी, सुनीता और रीना समेत दर्जनों समूह सखियां उपस्थित रहीं।






