अमित मिश्रा
सोनभद्र । राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र में आपसी रंजिश और नशे की खुमारी ने हिंसा का ऐसा रूप लिया कि एक 65 वर्षीय दलित वृद्ध की जान पर बन आई। घटना बढ़ौली गांव की है, जहां देवकी भारती नामक वृद्ध को देर रात तीन युवकों ने घर में घुसकर गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल वृद्ध को पहले जिला अस्पताल और फिर वाराणसी रेफर किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, इस घटना की जड़ एक पुराना विवाद और आए दिन होने वाली गाली-गलौज है। पीड़ित के परिजनों का कहना है कि वृद्ध देवकी भारती प्रतिदिन शराब के नशे में पड़ोसियों को गालियां देते थे, जिससे मोहल्ले में तनाव लगातार बना रहता था। कई बार समझाने के बावजूद जब स्थिति नहीं बदली तो गुस्साए तीन युवकों ने मिलकर यह खौफनाक कदम उठा लिया।

घटना 27-28 जुलाई की रात करीब डेढ़ बजे की है, जब अचानक गोली चलने की आवाज से गांव में हड़कंप मच गया। पड़ोसी जब तक कुछ समझ पाते, तब तक देवकी भारती लहूलुहान हालत में जमीन पर पड़े मिले। मौके पर पहुंची पुलिस और ग्रामीणों की मदद से उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से गंभीर हालत में उन्हें वाराणसी रेफर कर दिया गया।
घटना के बाद गांव में अफरातफरी मच गई और लोग बड़ी संख्या में एकत्र हो गए। वहीं पीड़ित परिजनों ने राबर्ट्सगंज पुलिस को तहरीर सौंपकर न्याय की मांग की। पुलिस ने भी तेजी दिखाते हुए कुछ ही घंटों में तीनों नामजद आरोपियों – पंकज पांडेय, अनिल चौबे और अजय सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे खुद भी घटना की रात शराब के नशे में थे और जब वृद्ध ने फिर से गालियां देनी शुरू की, तो उन्होंने आपा खो दिया और गोली चला दी।

एएसपी अनिल कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस को रात में ही सूचना मिली कि वृद्ध को गोली मारी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। घटना में प्रयुक्त असलहे की तलाश भी की जा रही है।
वहीं, स्थानीय लोग इस घटना से स्तब्ध हैं और कह रहे हैं कि आए दिन होने वाले झगड़े, नशा और आपसी तनाव अंततः हिंसा में तब्दील हो गया, जिससे पूरे इलाके में भय का माहौल है।
घायल देवकी भारती की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है, और पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है।
इस घटना ने न केवल नशे के दुष्परिणामों को उजागर किया है, बल्कि यह भी बताया कि सामाजिक संवाद और समझदारी के अभाव में कैसे मामूली विवाद बड़ी वारदात में बदल सकते हैं।







