अमित मिश्रा
आदिवासियों के वनाधिकार पट्टे की खतौनी वितरण का कार्यक्रम राजनीतिक द्वंद्व का बना मंच
सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में आदिवासियों के खरवार नेता कहे जाने वाले पूर्व विधायक स्व.हरि प्रसाद सिंह उर्फ घमंडी खरवार को लेकर आज समाजवादी पार्टी के सांसद छोटेलाल सिंह खरवार और भारतीय जनता पार्टी के सदर विधायक भूपेश चौबे आमने-सामने आ गए। मौका था जनपद के अति दुरूह और बिहार राज्य की सीमा पर स्थित चौरा गांव में वनाधिकार अधिनियम के तहत पट्टाधारकों में खतौनी वितरण का,जिसमे जिलाधिकारी और सीडीओ सहित अन्य अधिकारी और आसपास के ग्राम प्रधान मौजूद रहे।
इस कार्यक्रम का संचालन कर रहे सूर्य प्रताप सिंह ने जनपद की सीमा से लगे बिहार बार्डर पर निर्मित गेट का नाम आदिवासी नेता पूर्व विधायक स्व. हरि प्रसाद सिंह उर्फ घमंडी खरवार के नाम पर रखने की मांग किया। जिस पर भारतीय जनता पार्टी के सदर विधायक ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा की जयन्ती15 नवम्बर को जनजाति गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया,जिससे आज हर युवा भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान और कार्यो को जनाने लगा है। वह भी पूर्व घमंडी खरवार की जयन्ती के पूर्व संध्या पर उनकी मूर्ति की साफ-सफाई कर पूजा करते है। अगर उनके नाम पर क्षेत्र की जनता कुछ करना चाहती है तो वह स्थान दे तो उनके नाम पर खेल मैदान और स्मृति द्वार बनवाया जाय।
जिस पर सांसद अपना आपा खोते हुए कहा कि वर्ष 2014 से 2019 तक भाजपा से सांसद रहते हुए उन्होंने अपनी निधि से पूर्व विधायक स्व.घमंडी खरवार की मूर्ति और सामुदायिक भवन 35 लाख रुपये से बनवाया था लेकिन आज समाज कल्याण विभाग कब्जा कर लिया है,जिसे खाली कराने के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा हूँ। सांसद यही नही रुके उन्होंने कहा कि अगर सरकार के पास पैसा नही है तो वह सांसद निधि से जिलाधिकारी को 10-20 लाख रुपये देंगे जिससे नया भवन बनवा लिया जाय और घमंडी खरवार की मूर्ति के पास बने सामुदायिक भवन को खाली किया जाय।
बताते चले कि प्रदेश सरकार असहाय व निर्बल वर्ग के बच्चो के लिए निःशुल्क अभ्युदय कोचिंग चलाती है। जिसमे आज अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राएं निःशुल्क प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते है। आज सांसद ने समाज कल्याण विभाग से इस सामुदायिक खरवार भवन को खाली करने की मांग किया है।
इस कार्यक्रम के दौरान सांसद ने कहा कि जनपड में एक बार राष्ट्रपति आये, दो बार राज्यपाल आयी, सात बार मुख्यमंत्री आये। लेकिन आदिवासीयों कों पट्टा नहीं दे पा रही हैं सरकार।”
इतना ही नहीं “सरकार के पास बहुत पैसा हैं अगर नहीं हैं तो अपने निधि से 10-20 लाख रुपया दे सकते हैं”।
यह कहना हैं रॉबर्ट्सगंज लोकसभा सीट के समाजवादी पार्टी के सांसद छोटेलाल खरवार।
जिला प्रशासन द्वारा उत्तर प्रदेश के बिहार बार्डर के पास का अंतिम गाँव का चौरा में आदिवासियों कों वन भूमि पर मालिकाना हक़ के खतौनी वितरण का आयोजन किया गया था। खतौनी वितरण कार्यक्रम में जिलाधिकारी बीएन सिंह, मुख्य विकास अधिकारी सदर विधायक भूपेश चौबे, सपा सांसद छोटेलाल खरवार, समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर यादव, ब्लाक प्रमुख नगवां अलोक सिंह मंच पर मौजूद थे।
कार्यक्रम में सपा सांसद नें आदिवासी पूर्व विधायक दस्यू स्व0 घमड़ी खरवार के स्मारक व सभा हाल में समाज कल्याण विभाग द्वारा बच्चों कों निःशुल्क शिक्षा दी जाती हैं उसे खाली कराने कि बात सभा में मंच से किया और उसे आदिवासी नेता का अपमान बताया। उसी मंच से सदर विधायक नें उसी गाँव के रहने वाले आदिवासी दस्यु पूर्व विधायक स्व0 घमडी खरवार के नाम पर एक गेट बनावने कि बात कही।
इसी बार पर पलट वार करते हुये सपा सांसद नें कहा कि आदिवासियों का विकास नहीं कर पा रहे है बच्चों कों पढ़ने के लिए हाल नहीं बनवा पा रहे हैं सरकार के पास बहुत पैसा हैं अगर नहीं हैं तो अपने निधि से 10-20 लाख रुपया दे सकते हैं”।
नाराज सपा सांसद नें कहा कि आदिवासियों के साथ भाजपा सरकार छलावा कर रही हैं।
जिले में एक बार राष्ट्रपति आये, दो बार राज्यपाल आयी, सात बार मुख्यमंत्री आये। लेकिन आदिवासीयों कों पट्टा नहीं दे पा रही हैं सरकार।” अगर आदिवासियों का काम सरकार या जिला प्रशासन करती तो आदिवासी जनता शिकायत क्यों करती। अगर आदिवासी शिकायत कर रहे हैं तो इसका मतलब हैं आदिवासीयों का कोई काम नहीं करना चाहता हैं। जिले में आदिवासियो के लिए सब आये काम करना चाहते लेकिन कौन हैं जो आदिवासियों के हक़ जमीन पर पट्टा नहीं देने दे रहा हैं।
सपा सांसद नें राष्ट्रपति, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधायक, व जिला प्रशासन पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया।
इस बात पर सपा सांसद से सरकार कों रूपया देने कि बात पूछा गया तो वह बात बनाते हुये दिखे और कहा कि जिला प्रशासन के पास कई मद हैं जिससे वह विकास कार्यक्रम के लिए रूपया दे सकते हैं।
सदर विधायक भूपेश चौबे से सांसद के बड़बोले पन कि बात पूछा गया तो कहा कि वह उनकी बात हैं। हरी बात आरोप लगाने कि तो कोई भी लगा सकता हैं। आदिवासीयों कों पट्टा वितरण के साथ खतौनी भी दी जा रही हैं सरकार काम कर रही हैं।







