अमित मिश्रा
सोनभद्र/नई दिल्ली। देश में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने एक बड़ा कदम उठाया है। CISF ने 31 अक्टूबर 2025 तक 11 राज्यों के 16 परिसरों में 3281 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए NTPC विद्युत व्यापार निगम लिमिटेड (NVVN) के साथ बिजली खरीद समझौते (PPA) पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह नई परियोजना पहले से स्थापित 1990 किलोवाट क्षमता के सौर संयंत्रों के अतिरिक्त होगी, जो कि आरटीसी अराकोणम (तमिलनाडु), महिपालपुर (दिल्ली) और आरटीसी बहरोड़ (राजस्थान) में कार्यरत हैं। इन नई स्थापनाओं के बाद, CISF परिसरों में कुल सौर ऊर्जा क्षमता 5271 किलोवाट तक पहुंच जाएगी।
पर्यावरण संरक्षण व ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर कदम
यह परियोजना भारत सरकार के हरित ऊर्जा और आत्मनिर्भरता के विजन को मजबूती प्रदान करेगी। गृह मंत्रालय (MHA) ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) में सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना की जिम्मेदारी NVVN को सौंपी है, जो इसे नवीकरणीय ऊर्जा सेवा कंपनी (RESCO) मॉडल के तहत लागू करेगा। इस मॉडल में पूंजीगत व्यय NVVN द्वारा किया जाएगा, जबकि CISF को 25 वर्षों तक केवल उत्पादित बिजली के लिए भुगतान करना होगा।
इन 16 CISF परिसरों में लगेंगे सौर संयंत्र
नए सौर ऊर्जा संयंत्र निम्नलिखित CISF परिसरों में स्थापित किए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश 5वीं आरक्षित वाहिनी, गाजियाबाद; SSG ग्रेड, नोएडा; ग्रुप मुख्यालय, प्रयागराज, मध्य प्रदेश प्रथम आरक्षित वाहिनी, बड़वाहा; RTC बड़वाहा, राजस्थान 9वीं आरक्षित वाहिनी, देवली; RTC देवली, छत्तीसगढ़ तृतीय आरक्षित वाहिनी, भिलाई; RTC भिलाई, तमिलनाडु चतुर्थ आरक्षित वाहिनी, शिवगंगाई, झारखंड द्वितीय आरक्षित वाहिनी, रांची, कर्नाटक 10वीं आरक्षित वाहिनी, बेंगलुरु, बिहार पू.क्षे.-1 मुख्यालय, पटना, गुजरात ग्रुप मुख्यालय, अहमदाबाद, ओडिशा KRTC, मुंडली, तेलंगाना NISA (NISA) हैदराबाद
सौर ऊर्जा से होगी लागत बचत और कार्बन फुटप्रिंट में कमी
नवीकरणीय ऊर्जा की ओर यह बड़ा कदम जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को कम करेगा। सौर ऊर्जा की कम टैरिफ दरें पारंपरिक बिजली दरों की तुलना में CISF के लिए लागत में बचत सुनिश्चित करेंगी। साथ ही, इन सौर संयंत्रों से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा और कार्बन फुटप्रिंट कम होगा।
CISF ने ऊर्जा आत्मनिर्भरता, लागत दक्षता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल करते हुए स्वच्छ और हरित भविष्य की ओर मजबूती से कदम बढ़ाया है।







