ग्रीनको पावर परियोजना के खिलाफ ग्रामीणो की हुंकार

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नवीन कुमार

जल, जंगल और जमीन बचाने के लिए अन्तिम सांस तक लड़ाई लड़ने का लिया संकल्प

कोन(सोनभद्र/उत्तर प्रदेश)।  विकास खंड कोन के ग्राम पंचायत चकरिया के टोला डामर में रविवार को प्रस्तावित पावर प्रोजेक्ट के विरोध में ग्रामीणों ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया। जल, जंगल और जमीन की रक्षा को लेकर आयोजित बैठक एवं विरोध कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और परियोजना के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।


प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने नारे लगाते हुए कहा, “ग्रीनको कंपनी को हटाना है, अपना जीवन बचाना है।” ग्रामीणों का आरोप है कि प्रस्तावित परियोजना से क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों, पर्यावरण तथा स्थानीय लोगों के जीवन और आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर ग्रामीणों के अधिकारों और प्रकृति के साथ समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक की अगुवाई अमन सिंह, लक्ष्मण बादी, कपूरदास यादव, गोपाल चंद्रवंशी, बाबूराम चेरो तथा शहदेव गुप्ता ने की। इस दौरान उपस्थित ग्रामीणों ने अपने-अपने विचार रखते हुए परियोजना का विरोध किया और कहा कि उनकी सहमति के बिना किसी भी प्रकार का कार्य शुरू नहीं किया जाना चाहिए।


ग्रामीणों ने कहा कि वे अपने गांव, खेत, वन और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे। वक्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि क्षेत्र के अस्तित्व, पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए है।


बैठक के अंत में ग्रामीणों ने एक स्वर में चेतावनी दी कि जब तक चकरिया और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों को न्याय नहीं मिलता तथा उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों में एकजुटता और अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता साफ दिखाई दी।

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