भरदुआ में वन भूमि पर कब्जा हटाने पहुंची टीम का ग्रामीणों ने किया विरोध, जेसीबी के आगे लेटीं महिलाएं

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चंदौली जिले के नौगढ़ तहसील क्षेत्र के जयमोहनी रेंज अंतर्गत भरदुआ गांव में सोमवार को वन विभाग की भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। विरोध के दौरान करीब 50 महिलाएं जेसीबी के आगे लेट गईं, जबकि लगभग 300 ग्रामीण लाठी-डंडों के साथ मौके पर डटे रहे। कई घंटे तक चले हंगामे और नारेबाजी के बाद प्रशासनिक टीम को कार्रवाई स्थगित कर वापस लौटना पड़ा।

जानकारी के अनुसार वन विभाग की करीब 30 बीघा सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने के लिए वन विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम भरदुआ गांव पहुंची थी। टीम ने ट्रैक्टर से खेत की जुताई शुरू कराई और भूमि की सुरक्षा के लिए खाई खुदवाने की तैयारी की। इसी दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया।

ग्रामीणों का कहना था कि जिस भूमि पर उनके परिवार करीब 50 वर्षों से खेती-बाड़ी कर जीवनयापन कर रहे हैं, उसे बिना पूर्व सूचना या नोटिस के खाली कराया जा रहा है। उनका आरोप था कि प्रशासन ने उनकी बात सुने बिना कार्रवाई शुरू कर दी। विरोध के दौरान महिलाएं ट्रैक्टर के सामने खड़ी हो गईं और कुछ महिलाएं ट्रैक्टर पर चढ़ गईं। बाद में जेसीबी पहुंचने पर कई महिलाएं उसके आगे जमीन पर लेट गईं और अधिकारियों से दो टूक कहा कि वे अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे।

स्थिति को देखते हुए चकिया क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में नौगढ़, चकरघट्टा, चकिया और साहबगंज थानों की पुलिस सहित 80 से अधिक पुलिसकर्मियों को मौके पर तैनात किया गया। पूरे गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई, लेकिन ग्रामीण अपने विरोध पर अड़े रहे।

तनावपूर्ण हालात को देखते हुए वन विभाग के एसडीओ वरुण सिंह ने फिलहाल अभियान रोक दिया। वहीं एसडीएम विनय मिश्रा ने कहा कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरी कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर दोबारा अभियान चलाकर वन विभाग की भूमि को कब्जामुक्त कराया जाएगा।

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