प्रदेश के अंतिम गांव शीश टोला के ग्रामीणों ने उठाया बिजली व शिक्षा का मुद्दा

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सीएस पाण्डेय

प्रशासन और जनप्रतिनियों पर उतारा खीझ,

छत्तीसगढ़ सीमावर्ती से सटे प्रदेश का अंतिम गांव शीश टोला पहुंचा संविधान यात्रा

बभनी(सोनभद्र/उत्तर प्रदेश)। प्रदेश के अन्तिमा गांव  स्थानीय विकास खण्ड बभनी के ग्राम पंचायत शीश टोला में राम सुंदर गोंड के घर के पास रविवार को बनवासी सेवा आश्रम के कार्यकर्ताओं ने संविधान यात्रा के कड़ी में बैठक का आयोजन कर समता मूलक समाज,सभी को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार को लेकर चर्चा की गई। 

जिसमे प्रदीप पाण्डेय ने कहा कि गांव की समस्याओं के निदान के लिए खुद को आगे आना होगा।ग्रामीण दया राम, राम देव, अशोक कुमार, सरदार सिंह, सुजीत सिंह, कबूतरी, सहोदरी, दीप माला, अरुण कुमार, राजनरायन,आदि ने संविधान यात्रियों को बताया कि हमारे गांव में बिजली नहीं है और हम लोग अंधेरे में जिंदगी काट रहे है। किरोसीन बंद होने से आग की अंजोरिया में खाना बनाते है। बिल्कुल आदिम युग की तरह जीवन जी रहे है।

गांव में बिजली के पोल और तार भी नहीं लगे है। शिक्षा व्यवस्था की ठीक नहीं है ,दोपहर भोजन भी सही ढंग से संचालित नहीं होता है। जब हम लोग आवाज उठाते है तो हम ग्रामीणों को फर्जी केस में जेल भेजवाने की धमकी दी जाती है। उपरोक्त ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति कराने की मांग की है।

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