एमबीबीएस में एडमिशन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार

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अमित मिश्रा

साइबर क्राइम थाना पुलिस ने लखनऊ से किया गिरफ्तार

एक पीड़ित से एमबीबीएस में एडमिशन दिलाने के लिए आन लाइन ठगा था 22 लाख रुपये

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद की साइबर क्राइम थाना पुलिस  ने नीट व एमबीबीएस में एडमिशन कराने के नाम पर करोड़ो की ठगी करने वाले तीन आरोपियो  को गिरफ्तार करने में सफलत हासिल किया।

पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देश में चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के अंतर्गत, अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल कुमार के मार्गदर्शन एवं क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पाण्डेय के पर्यवेक्षण में, प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम पुलिस धीरेन्द्र कुमार चौधरी के नेतृत्व में थाना साइबर क्राइम टीम द्वारा उल्लेखनीय कार्रवाई की गई। नीट व एमबीबीएस में एडमिशन दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। पुलिस टीम ने तत्परता एवं तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए तीन शातिर आरोपियो को गिरफ्तार किया है।

  पीड़ित द्वारा थाना साइबर क्राइम पर प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया गया कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा उसे नीट (NEET) परीक्षा के माध्यम से एमबीबीएस में एडमिशन दिलाने का झांसा दिया गया। आरोपियो ने स्वयं को मेडिकल एडमिशन से जुड़े प्रभावशाली एजेंट बताते हुए सरकारी एवं निजी मेडिकल कॉलेजों में पक्की सीट दिलाने का दावा किया। आरोपीयो ने विश्वास में लेकर पीड़ित से विभिन्न चरणों में कुल ₹22,00,000 (बाइस लाख रुपये) की धनराशि अपने बताए गए बैंक खातों में ऑनलाइन माध्यमों से जमा करवा ली। जिसके संबंध में थाना साइबर क्राइम पर धारा 318(4), 336(3) बीएनएस एवं 66डी आईटी एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।

पुलिस की कार्यवाही एवं खुलासा  घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा तत्काल साइबर क्राइम टीम को सक्रिय करते हुए आरोपियो की गिरफ्तारी के लिए निर्देशित किया गया। पुलिस टीम द्वारा आरोपियो के बैंक खातों का गहन विश्लेषण, मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल एवं लोकेशन ट्रैकिंग,डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का संकलन, सर्विलांस एवं मुखबिर तंत्र का प्रयोग करते हुए आरोपियो की पहचान सुनिश्चित की गई। पुलिस टीम के लगातार प्रयासों के फलस्वरूप लखनऊ के चारबाग बस स्टैण्ड के पास जूडियो शॉपिंग माल से सटीक सूचना पर दबिश देकर 03 आरोपियो को गिरफ्तार किया गया। इस गिरफ्तार आरोपियो को विधिक कार्यवाही पूर्ण करते हुए न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इन गिरफ्तार आरोपियों ने प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियो द्वारा अन्य राज्यों व जनपदों में भी इस प्रकार की ठगी की घटनाओं को अंजाम देने की जानकारी प्राप्त हुई है, जिसकी जांच की जा रही है।

पूछताछ का विवरण – पुलिस को गिरफ्तार आरोपियों ने बताया गया कि प्रदेश मे बड़े बड़े कोचिंग सेन्टरों व कालेजों का डाटा मिली भगत से लेकर आनलाइन अपने आप्टिमस एजुकेशन कन्सल्टेन्सी आफिस नम्बर 122 4th प्लोर , जेबी एम्पायर निकट अपोलो हास्पिटल मे मंगाते थे तथा उसमे स्थापित काल सेन्टर के माध्यम से जो छात्र एमबीबीएस व नीट की परीक्षा पास करते है उनसे टेलीकालर के माध्यम से सम्पर्क कर जो किसी कम नम्बर से प्रवेश लेने से वंचित रह जाते है उन्हें अच्छे कालेजों मे दाखिला कराने का प्रलोभन देकर हम लोग धोखाधडी करते थे ।

गिरफ्तार आरोपी :-  संचित चन्द्रा पुत्र सुभाष चन्द्रा निवासी कृष्णानगर लखनऊ उम्र करीब 46 वर्ष , विनय कुमार मौर्या पुत्र स्व0 जितेन्द्र मौर्या निवासी कंघी टोला नेवाजगंज जनपद लखनऊ उम्र करीब 35 वर्ष व आकाश सिन्हा पुत्र जय प्रकाश सिन्हा निवासी बोईगपल्ली जिला सिकन्दराबाद आन्ध्र प्रदेश उम्र करीब 35 वर्ष ।

गिरफ्तार आरोपी  संचित चन्द्रा पुत्र सुभाष चन्द्रा पर कुल 6 मुकदमे  और विनय कुमार मौर्या पुत्र जितेन्द्र मौर्य पर एक मुकदमा दर्ज है।

बरादमगी – 07 एन्ड्रॉयड मोबाइल फोन, 07  अलग अलग बैंको के एटीएम कार्ड , बैंको मे धनराशि जमा करने की रशीद , 01 एचडीएफसी बैंक का सादा चेक।

इन आरोपियो को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक धीरेन्द्र कुमार चौधरी, साइबर क्राइम थाना, संजय कुमार वर्मा, साइबर क्राइम, शिवनन्दन सिंह,साइबर क्राइम, अखिलेश यादव, साइबर क्राइम, सत्यम सिंह, स्वाट टीम सुनील रावत, साइबर सेल शामिल रहे।

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