किशोरी मेला” में दिखी बालिकाओं की प्रतिभा, मिला आत्मविश्वास और स्वास्थ्य का संदेश

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

अमित मिश्रा

O – किशोरी मेला” कार्यक्रम का हुआ आयोजन दिए संदेश

सोनभद्र, चोपन।
शनिवार को खंड विकास पंचायत चोपन में सोनभद्र विकास समिति एवं किशोरी विकास समिति के संयुक्त तत्वावधान में “किशोरी मेला” का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बालिकाएं, महिलाएं और ग्रामवासी शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरियों को जागरूकता, स्वास्थ्य, शिक्षा और नेतृत्व विकास से जोड़ना था।

इस अवसर पर संस्था के निदेशक राजेश, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर मुमताज अख्तर, ग्राम प्रधान, स्टेट होल्डर प्रेमचंद गुप्ता, कम्युनिटी मोबिलाइज़र चंद्रशेखर, बीना, रोशनी, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियाँ उपस्थित रहीं।

बालिकाओं को मिला मंच, बिखेरी प्रतिभा
कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं के लिए निबंध लेखन, रसोई, गीत गायन सहित कई प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। विजेताओं को पुरस्कार स्वरूप पेन, कॉपी, बर्तन आदि सामग्री वितरित की गई। राजेश ने कहा, “ऐसे मेले किशोरियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का एक प्रभावी मंच देते हैं। ये न केवल उनके आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें भविष्य के नेतृत्व के लिए भी तैयार करते हैं।”

जागरूकता से भरपूर रहा कार्यक्रम
प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर मुमताज अख्तर ने पोषण, “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ”, महिला हेल्पलाइन जैसी विषयों पर आधारित जागरूकता गतिविधियाँ कराईं। वहीं बीडीओ ने दवाओं का वितरण करते हुए जीवनशैली से संबंधित पांच महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए—

  1. अनावश्यक तनाव से बचें
  2. बच्चों के साथ समय बिताएं
  3. सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठें
  4. नियमित व्यायाम करें
  5. समय पर भोजन व भरपूर नींद लें

ग्राम स्तर पर सशक्तिकरण की पहल
बीना ने कहा, “किशोरी मंच ग्राम स्तर पर बालिकाओं की समस्याओं का समाधान खोजने का माध्यम बनेगा। यह मंच उनके व्यक्तित्व निर्माण और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य करेगा।”

सामाजिक स्वास्थ्य और पोषण पर जोर
कम्युनिटी मोबिलाइज़र चंद्रशेखर ने सामाजिक स्वास्थ्य को जीवन का जरूरी हिस्सा बताया। उन्होंने कहा, “सार्थक संबंध और सामाजिक परिस्थितियों में ढलने की क्षमता मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है।”
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रोशनी ने संतुलित आहार की आवश्यकता बताते हुए कहा कि अलग-अलग रंग के फल और सब्जियां अलग-अलग पोषक तत्व देती हैं, जो शरीर के विकास के लिए जरूरी हैं।

कार्यक्रम का समापन आभार प्रदर्शन के साथ हुआ।
सभी वक्ताओं और सहभागी संस्थाओं का धन्यवाद ज्ञापित कर कार्यक्रम का समापन किया गया। किशोरी मेला प्रतिभा प्रदर्शन, जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता का प्रेरणादायक उदाहरण बना।

Leave a Comment

1443
वोट करें

भारत की राजधानी क्या है?