लेखपाल संघ की मांग हुई पूरी, जिलाधिकारी ने 31 लाख 81 हजार रुपये भुगतान की दी मंजूरी

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अमित मिश्रा

आय, जाति व निवास प्रमाण पत्रों के कार्य हेतु लंबित भुगतान स्वीकृत

दो वर्षों से लंबित धनराशि होगी वितरित

प्रमाण पत्रों के निष्पादन में लगे लेखपालों को मिलेगा बकाया भुगतान

लेखपालों के हित में बड़ा फैसला, डीईजीएस मद से 31.81 लाख रुपये जारी करने की स्वीकृति

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्रों के आवेदन पत्रों की प्रिंटिंग एवं अन्य व्ययों के प्रतिपूर्ति भुगतान को लेकर लेखपालों को बड़ी राहत मिली है। विगत दो वर्षों से लंबित इस भुगतान के संबंध में लेखपाल संघ द्वारा जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ को ज्ञापन देकर शीघ्र भुगतान की मांग की गई थी।

जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया तथा संबंधित अभिलेखों एवं तहसीलों से प्राप्त विवरण का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके क्रम में वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के अंतर्गत जनसेवा केंद्रों के द्वारा ई-डिलीवरी माध्यम से प्राप्त आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्रों के आवेदन पत्रों की प्रिंटिंग आदि पर हुए व्यय की प्रतिपूर्ति हेतु कुल 31,81,405 रुपये की धनराशि भुगतान किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

यह धनराशि जनपद की विभिन्न तहसीलों के लेखपालों को डीईजीएस सोसाइटी मद से निर्धारित दर के अनुसार उपलब्ध कराई जाएगी। जिलाधिकारी के इस निर्णय से लेखपालों में उत्साह का माहौल है। लेखपाल संघ ने इसके लिए जिलाधिकारी के प्रति आभार व्यक्त किया है।

जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि शासन की योजनाओं एवं जनसेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में लेखपालों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके वैध देयों का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इस निर्णय से लेखपालों को अपने दायित्वों के निर्वहन में और अधिक ऊर्जा एवं उत्साह प्राप्त होगा तथा आमजन को भी बेहतर सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

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