पिता की हत्या मामले मे दोषी बेटे को दस वर्ष की सजा

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राजेश कुमार पाठक

20 हजार रुपये अर्थदंड, अर्थदंड न देने पर 4 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी

जेल में बितायी अवधि सजा में होगी समाहित

करीब साढ़े 3 वर्ष पूर्व हुए अशोक पनिका हत्याकांड का मामला

    सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में करीब साढ़े 3 वर्ष पूर्व हुए अशोक पनिका हत्याकांड के मामले में शुक्रवार को सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम जीतेंद्र कुमार द्विवेदी की अदालत ने दोषसिद्ध पाकर दोषी महेंद्र कुमार को 10 वर्ष की कैद व 20 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 4 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी।


    अभियोजन पक्ष के मुताबिक मीना देवी पत्नी स्वर्गीय सुदर्शन निवासी, हरहोरी, थाना म्योरपुर ने 23 दिसंबर 2021 को थानाध्यक्ष म्योरपुर को दी तहरीर में अवगत कराया था कि उसके ससुर अशोक पनिका करीब डेढ़ माह से देवर महेंद्र कुमार के साथ अपनी बड़ी बेटी के घर कांचन रहते थे। 23 दिसंबर 2021 को दोपहर दो बजे ससुर ने देवर महेंद्र कुमार से पुनः कांचन जाने के लिए कहा तो देवर महेंद्र कुमार क्रोधित हो गया और लकड़ी के टुकड़े से ससुर अशोक पनिका के सिर पर मार दिया, जिससे सिर में गंभीर चोटें आई। जब सरकारी अस्पताल ससुर को लेकर पट्टीदार लोग गए जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।

    इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। विवेचना के दौरान विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था।

    इस मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी महेंद्र कुमार को 10 वर्ष की कैद व 20 हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 4 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी।

    अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील विनोद कुमार पाठक ने बहस की।

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