पेड़_हैं_तो_प्राण_हैं अभियान के तहत संदीप मिश्रा ने कांवरियों के साथ लगाया पौधा, विजयगढ़ दुर्ग में गूंजा पर्यावरण का संकल्प

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

अमित मिश्रा

सोनभद्र । विधानसभा 401 (सोनभद्र) क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक नई ऊर्जा और संकल्प का संचार करते हुए #पेड़_हैं_तो_प्राण_हैं अभियान के तहत भावी विधायक प्रत्याशी संदीप मिश्रा ने रविवार को विजयगढ़ दुर्ग स्थित रामसरोवर परिसर में कांवड़िया भाइयों और बहनों के साथ पौधरोपण किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधा लगाना नहीं था, बल्कि समाज को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरा-भरा भविष्य सुनिश्चित करना था। कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने भी इस अभियान में सहभागिता करते हुए पेड़ों की महत्ता को स्वीकारा और हर पौधे को संरक्षित रखने का संकल्प लिया। इस दौरान रामसरोवर का पवित्र वातावरण पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता और आध्यात्मिक आस्था से ओतप्रोत दिखाई दिया।

कार्यक्रम के पश्चात संदीप मिश्रा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा,

“पेड़ सिर्फ हरियाली का प्रतीक नहीं, बल्कि जीवन का आधार हैं। अगर वातावरण शुद्ध रहेगा तो आने वाली पीढ़ियां स्वस्थ रहेंगी। मेरा स्पष्ट संकल्प है कि #विधानसभा_401 को एक स्वच्छ, हरित और स्वस्थ क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। पेड़ लगाकर ही नहीं, उन्हें संरक्षित रखकर ही हम सच्चे अर्थों में विकास की ओर बढ़ सकते हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि वे न केवल एक राजनीतिक सोच के साथ, बल्कि समाजसेवी भावना के साथ क्षेत्र में काम कर रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर आमजन को जोड़ना ही उनका उद्देश्य है, ताकि हर नागरिक यह समझ सके कि प्रकृति के साथ जुड़कर ही मानवता सुरक्षित रह सकती है।

विजयगढ़ दुर्ग के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक परिवेश में जब कांवड़ यात्रा के श्रद्धालुओं ने पौधरोपण के बाद “हर पौधा एक जीवन” का संकल्प दोहराया, तो वह दृश्य न केवल प्रेरणादायी था, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए पर्यावरणीय चेतना का बीजारोपण भी।

संदीप मिश्रा ने आगे कहा कि

“उमामहेश्वर आप सभी की मनोकामनाएं पूर्ण करें, और यह पेड़ जो आज हमने लगाया है, आने वाले वर्षों में छाया, शुद्ध वायु और जीवन का आधार बने। यह कार्य केवल एक दिन का नहीं, बल्कि सतत प्रयासों का परिणाम होना चाहिए। हर बम जी भाई और बहन आज जो संकल्प लेकर गए हैं, वही इस क्षेत्र को हराभरा बनाएगा।”

इस अवसर पर दर्जनों कांवड़ियों, स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं ने भाग लिया और पौधों की रक्षा का जिम्मा अपने कंधों पर लिया। सभी ने एक स्वर में कहा कि “पेड़ हैं तो प्राण हैं” केवल नारा नहीं, बल्कि आज की जरूरत है।

इस आयोजन ने न सिर्फ एक पेड़ लगाया, बल्कि क्षेत्रवासियों के हृदय में पर्यावरण के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना भी रोप दी। #विधानसभा401 अब हरियाली की नई राह पर है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

1543
वोट करें

भारत की राजधानी क्या है?