“ब्रह्माकुमारी बहनों ने 55 महिलाओं और 7 बच्चों को भी बांधा रक्षा सूत्र, बुराइयां छोड़ने का दिलाया संकल्प”
सोनभद्र। रक्षाबंधन और नशामुक्त भारत अभियान के तहत जिला जेल परिसर में आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। ब्रह्माकुमारी बहनों ने करीब 250 कैदी भाइयों, 55 महिलाओं एवं 7 बच्चों को राखी बांधकर भाईचारे और श्रेष्ठ जीवन का संदेश दिया।
कार्यक्रम में सेवाकेंद्र इंचार्ज ब्रह्माकुमारी सुमन दीदी ने रक्षाबंधन के आध्यात्मिक रहस्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राखी केवल भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक नहीं, बल्कि स्वयं को बुराइयों और नकारात्मक आदतों से मुक्त करने का संकल्प भी है। उन्होंने सभी को अपनी कमजोरियों, विकारों और नशे का दान कर प्रेम, शांति, पवित्रता, संयम और सत्यता जैसे गुण धारण करने के लिए प्रेरित किया।
कैदियों को विशेष रूप से नशे से दूर रहने और सकारात्मक परिवर्तन लाने की प्रेरणा दी गई। कहा गया कि परिस्थितियां कैसी भी हों, दृढ़ संकल्प और आत्मबल से जीवन को नई दिशा दी जा सकती है। राखी बांधते समय सभी से किसी न किसी बुराई को छोड़कर एक श्रेष्ठ गुण अपनाने का संकल्प कराया गया।
ब्रह्माकुमारी बहनें रक्षाबंधन पर कोई उपहार स्वीकार नहीं करतीं, केवल विकार या मादक पदार्थ छोड़ने का संकल्प पत्र लेती हैं।
जेल अधीक्षक अरुण कुमार मिश्रा ने ब्रह्माकुमारी संस्था का आभार व्यक्त किया और उनके मानव सेवा कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में प्रभारी जेलर गौरव कुमार, गरिमा कुमारी उपकारापाल, किशन सिंह बल्दिया, सुभाष पांडे मुख्य चीफ, परमानंद वरिष्ठ क्लर्क का सहयोग रहा।
कार्यक्रम को सफल बनाने में बीके सीता, सरोज, कविता, दीपशिखा, मोना, मीना बहन, राकेश भूषण पाठक, राजकेश्वर भाई, भूपेंद्र प्रताप सिंह का सक्रिय योगदान रहा।





