चौथे दिन भी जाम से हाफता रहा नेशनल हाइवे रीवा-रांची मार्ग

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अमित मिश्रा

वाराणसी से शक्तिनगर , सिंगरौली, विन्ध्यनगर और अम्बिकापुर की यात्रा करने वाले यात्री हो रहे परेशान

सोनभद्र। केन्द्रीय परिवहन मंत्री एनएचआई को तकनीकी रूप से हाईटेक बना रहे और अपने नए प्रयोगों से जाम के झाम को खत्म करने में लगे है तो वही तीन राज्यो को जोड़ने वाला नेशनल हाइवे रीवा – रांची मार्ग जाम से हाफता नजर आता है। इस मार्ग पर पिपरी थाना क्षेत्र से अनपरा थाना क्षेत्र में जानें वाली सड़क पर लगातार एक हफ्ते से घंटो घण्टों जाम लगने से लोग परेशान हैं । कई कई किमी लंबा जाम होने से लोग कई कई घण्टे जाम में रहने को मजबूर है। जाम खुलवाने के लिए प्रशाशन कोई मदद नहीं करता जिससे लोग खुद ही जाम खुलवाने के लिए आगे आकर जैसे तैसे अपनी गाड़ियों को जाम से बाहर निकालते नज़र आते हैं।

जाम लगने की मुख्य वजह राखड़ व कोयला लदी ट्रक है जो जहां-तहां खराब होकर खड़े हो जाते हैं। भारी वाहनों के चलते रीवा-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग पर जब तब बनती जाम की स्थिति, कानून व्यवस्था के लिए भी चुनौती बने लगी है। घंटों जाम की स्थिति से गुस्साए युवाओं के एक समूह ने पिपरी थाना क्षेत्र के तुर्रा तिराहे पर एक रोडवेज चालक को पीट कर लहूलुहान कर दिया। विवाद का वीडियो वायरल होने के बाद सक्रिय हुई पुलिस ने हमलावर युवकों की तलाश शुरू कर दी है।

वहीं, दूसरी तरफ, रेणुकूट के मुर्धवा मोड़ से शक्तिनगर तक बनी जाम की स्थिति लोगों को रुलाती रही। महज आधे घंटे का सफर तय करने में लोगों को 7 से 8 घंटे लगते रहे। घंटो जाम में फंसे लोग सोशल मीडिया के जरिए गुहार लगाने के साथ ही भड़ास निकालते रहे। वहीं, पुलिस की प आवागमन सामान्य तरीके से बहाल करने को लेकर जगह-जगह पसीना बहाने में जुटी रही।

नेशनल हाइवे रीवा – रांची मार्ग पर भारी वाहनों के जगह-जगह खराब होकर सड़क पर खड़े होने की स्थिति ने ऊर्जाचल से गुजरे हाईवे की रफतार रोक कर रख दी है। स्थिति यह है कि पुलिस की कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति कुछ देर के लिए सामान्य हो रही है तो आधे से एक घंटे बाद ही दोबारा जाम लग जा रहा है। इसके चलते जहां लोगों को घंटे जाम में फंसना पड़ रहा है। वाहन तो वाहन, एंबुलेंस के भी घंटों जाम में फंसने से मरीजों की भी जिंदगी, अस्पताल और जम के बीज फंसकर रह गई है।

लगातार चौथे दिन रविवार को भी नेशनल हाइवे पर लगे जाम को खुलवाने के लिए कड़ी मशक्कत होती रही। जरूरी कामकाज और वाराणसी ट्रेन पकड़ने के लिए निकले कई लोगों को जहां बीच रास्ते से वापस होना पड़ा। वहीं, जाम में फंसे लोग भूख प्यास से जहां-तहां बिलबिलाते रहे।

बतातें चले कि फ्लाई ऐश का ओवरलोड परिवहन सरकार को राजस्व का चूना लगाने के साथ ही यातायात व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। लगातार जाम की स्थिति से कानून व्यवस्था के सामने भी चुनौती खड़ी होने लगी है। लोगों का कहना है कि लोडिंग प्वाइंट पर, ओवरलोडिंग करने वालों के खिलाफ जब तक कार्रवाई नहीं की जाएगी, तब तक आवागमन खराब होने की स्थिति बनी रह सकती है।

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