पड़ोसियों को फसाने के लिए कलयुगी पिता ने मासूम बेटे की हत्या, नदी से शव बरामद

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अरविन्द

कलयुगी पिता ने 8 लोगों पर बेटे का अपहरण करने का लगाया था आरोप

थाने पर सूचना मिलते ही चार नामजद और चार अज्ञात के विरुद्ध पुलिस ने दर्ज किया था मुकदमा

एसओजी सहित पुलिस टीम की तहकीकात में खुला राज तो पुलिस के भी हुए होश फाख्ता

पड़ोसियों को फंसा कर जेल भिजवाने के लिए रचा षड्यंत्र,पुत्र को नदी में धक्का देकर मार डाला..

एसडीआरएफ और पुलिस टीम ने आज बच्चे का शव नदी से किया बरामद

पुत्र को नदी में ढकेलकर मारने वाला कलयुगी पिता गिरफ्तार

शाहजहांपुर। जनपद में एक कलयुगी पिता ने पुरानी रंजिश और बदले की भावना से अपने ही पुत्र की नदी में धक्का देकर हत्या कर दिया,जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। ई

इस मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि एक पिता ने थाने पहुंचकर तहरीर दी और बताया कि उसके पुत्र का आठ लोगों ने अपहरण कर लिया है। अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारियों से लेकर जिले के पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।।पीड़ित की तहरीर पर आनन फानन में अपहरण की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी।

शाहजहांपुर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने अपनी स्पेशल फोर्स एसओजी सहित संबंधित थाने की फोर्स को खुलासे के निर्देश जारी किए। एसओजी प्रभारी रितेंद्र प्रताप सिंह द्वारा पीड़ित को विश्वास में लेकर जब गहन पूछताछ की गई तो सारा माजरा खुलकर सामने आ गया। सच्चाई सामने आते ही पुलिस कर्मियों के भी होश उड़ गई कि बदला लेने की सनक और पड़ोसियों को जेल भिजवाने के लिए क्या कोई पिता अपने पुत्र की हत्या कर सकता है, लेकिन यह बात बिल्कुल सही निकली।

दरअसल जिले के सिधौली थाना क्षेत्र के गांव तिउलक निवासी संजीव कुमार पुत्र मिढई लाल ने थाने पहुंचकर जानकारी दी कि वह अपने पुत्र गौरव जिसकी उम्र पांच वर्ष है उसकी दवाई लेकर अपने घर वापस जा रहा था इसी दौरान गांव के ही रहने वाले बाबूराम विवेक विशाल रिंकू आदि ने अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर खन्नौत नदी पुल से अपहरण कर लिया है। जिस पर पुलिस ने संज्ञान लेते हुए तत्काल नामजद लोगों सहित आठ लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

अपहरण से जुड़ा हुआ मामला होने के कारण एक अशोक मीणा अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मनोज कुमार अवस्थी क्षेत्राधिकारी पुवायां पंकज पंत ने पूरे मामले के खुलासे के जोर आजमाइश शुरू कर दी। एसपी की स्पेशल फोर्स एसओजी ने जब वादी से घटना के संबंध में जानकारी की तो कई बार इधर उधर की बातें करने और गुमराह करने पर पुलिस शक और बढ़ गया। लेकिन वादी होने के कारण एसओजी प्रभारी ने जब विश्वास में लेकर कहा कि जिन लोगों ने अपहरण किया है उन्हे जेल जरूर भेजा जाएगा लेकिन गौरव कैसे मिलेगा इस पर वादी टूट गया और सारी सच्चाई बयां कर दी।

वादी ने बताया कि उसका कुछ दिनों पूर्व गांव के ही रहने वाले विवेक पुत्र बाबू राम के पुत्र आयुष से उसके पुत्र गौरव का झगड़ा हो गया था जिसकी शिकायत करने मेरी पत्नी नन्ही देवी विवेक के घर गई थी तो विवेक की पत्नी प्रीति ने उसकी पत्नी नन्ही देवी के साथ गाली गलौज और मारपीट की थी। यह बात मेरी पत्नी ने मुझे जाकर बताई और कहा कि मेरे गांव में बहुत बेज्जती हो गई है जिसका बदला लेने के लिए मैंने एक षड्यंत्र तैयार किया। 

पड़ोसियों को जेल भेजने के लिए पूरा प्लान तैयार करके अपने पुत्र गौरव को दवाई दिलाने के बहाने स्कूटी पर बैठाकर चिनौर गांव में डाक्टर के यहां दवाई लेने आया और वापस आते समय खन्नौत नदी पुल पर पहुंच कर पुत्र गौरव को पुल की रेलिंग पर बैठाकर उसे नदी में धक्का दे दिया और स्कूटी लेकर अपने घर चला गया फिर थाने पर सूचना दी। पुलिस ने जब तहकीकात के दौरान कलयुगी पिता से पुत्र गौरव को धक्का देने की जगह पर ले जाकर तहकीकात की और आज एनडीआरएफ की टीम ने मौके पर तलाश की तो गौरव का शव बरामद हो गया।

फिलहाल अपहरण की झूठी सूचना देकर पड़ोसियों को फंसा कर जेल भिजवाने के लिए अपने पुत्र की हत्या करने वाले पिता को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

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