स्वच्छता से हरियाली तक: NTPC रिहंद ने शुरू किया ‘ग्रीन मिशन 2026’, बालिका सशक्तिकरण के साथ वृक्षारोपण का अनूठा अभियान

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

अमित मिश्रा

O- पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक भागीदारी का राष्ट्रीय मॉडल बन रहा सोनभद्र का NTPC रिहंद

बीजपुर (सोनभद्र) । देशभर में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सतत विकास को लेकर चल रही मुहिम के बीच उत्तर प्रदेश के सोनभद्र स्थित NTPC रिहंद परियोजना ने एक प्रेरणादायी पहल करते हुए “स्वच्छता पखवाड़ा-2026” के अंतर्गत व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया। 16 मई से 31 मई 2026 तक आयोजित इस विशेष अभियान में कर्मचारियों, अधिकारियों, यूनियनों, सामाजिक संगठनों और बालिकाओं की सहभागिता ने इसे केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि जन-आंदोलन का रूप दे दिया।

बीजपुर स्थित कर्मचारी विकास केंद्र में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि एवं परियोजना प्रमुख श्री संजय असाटी ने किया। कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि “बालिका सशक्तिकरण अभियान-2026” में शामिल छात्राओं ने अधिकारियों के साथ मिलकर पौधारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस पहल ने स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण और हरित भविष्य को एक साथ जोड़ने का काम किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संजय असाटी ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और हरा-भरा वातावरण छोड़ना आज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि केवल औद्योगिक विकास ही पर्याप्त नहीं, बल्कि प्रकृति और पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है।

विशेषज्ञों के अनुसार देश में बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और तापमान वृद्धि के बीच वृक्षारोपण अभियान अब केवल औपचारिकता नहीं बल्कि पर्यावरणीय सुरक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुका है। सोशल और सामुदायिक स्तर पर चल रहे ऐसे अभियान लोगों में पर्यावरणीय चेतना को मजबूत कर रहे हैं।

ऊर्जा क्षेत्र में लगातार विस्तार कर रही NTPC अब स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरणीय संतुलन पर विशेष फोकस कर रही है। कंपनी ने FY-2026 में रिकॉर्ड स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ हरित अभियानों को भी गति दी है।

इस वृक्षारोपण अभियान में विभिन्न विभागाध्यक्षों, कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और बड़ी संख्या में कर्मचारियों की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि सामूहिक सामाजिक दायित्व है।

संभावित राष्ट्रीय प्रभाव

विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि देश के बड़े औद्योगिक संस्थान इसी तरह सामाजिक भागीदारी के साथ पर्यावरणीय अभियान चलाएं तो भारत “ग्रीन इंडस्ट्रियल मॉडल” की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है। सोनभद्र का यह मॉडल अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनता दिखाई दे रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

1543
वोट करें

भारत की राजधानी क्या है?