पूर्व सांसद ने सीएम से मिलकर उठाए सोनभद्र के जनहित मुद्दे, कार्रवाई का मिला आश्वासन

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धीरज श्रीवास्तव से जुड़ी सभी फाइनेंस दस्तावेज की कराई जाए जांच

सोनभद्र। जनपद से जुड़े विभिन्न जनहित मुद्दों को लेकर पूर्व सांसद नरेन्द्र सिंह कुशवाहा ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर 6 प्रतियों में पत्र सौंपा। उन्होंने प्रशासनिक, स्वास्थ्य, शिक्षा, चिकित्सा एवं खनन से जुड़ी समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने सभी मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया।
पत्रों में सबसे प्रमुख मुद्दा स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय सोनभद्र में वित्तीय अनियमितताओं का है। आरोप है कि शासन के निर्देशों के विपरीत धीरज श्रीवास्तव को वित्तीय एवं क्रय संबंधी महत्वपूर्ण प्रभार दिए गए हैं। घटिया दवाओं और उपकरणों की खरीद, टेंडर प्रक्रिया से बचने के लिए बिलों को छोटे-छोटे टुकड़ों में विभाजित करने और सरकारी धन के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है।
दूसरे पत्र में मेडिकल कॉलेज के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की मांग उठाई गई है। कहा गया है कि भविष्य के विकास, छात्रावास, अस्पताल अवसंरचना, खेल मैदान और एनएमसी मानकों के अनुरूप विकास के लिए भूमि की आवश्यकता है।
तीसरी मांग मेडिकल कॉलेज के सरकारी आवासों से अवैध कब्जे हटाने की है। आरोप है कि कई आवासों पर ऐसे लोग कब्जा किए हैं जिनका तबादला अन्य जनपदों में हो चुका है, जबकि वर्तमान में कार्यरत डॉक्टरों और कर्मचारियों को आवास नहीं मिल रहा।
चौथे पत्र में मेडिकल कॉलेज परिसर को अतिक्रमण मुक्त कर क्लोज्ड कैंपस बनाने, अनधिकृत व्यवसाय, निजी मेडिकल स्टोर और लैबों के प्रभाव पर रोक लगाने तथा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की गई है।
पांचवीं और महत्वपूर्ण मांग आदिवासी काश्तकारों से जुड़ी है। बिल्ली मारकुंडी, बरदिया, सिंदूरिया, टापू, जुगैल सहित कई क्षेत्रों के मूल काश्तकारों को निजी काश्त भूमि पर ई-निविदा के बजाय सीधे 10 वर्षीय खनन पट्टा देने, निर्धारित रॉयल्टी का दोगुना भुगतान लेकर पट्टा देने और 2019 के शासनादेश में संशोधन की मांग की गई है, ताकि आदिवासी समुदाय को खनिज संसाधनों का प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।

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