ग्राम पंचायतों में लोक कला को मिलेगी संजीवनी, सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए मिलेंगे वाद्य यंत्र : जिलाधिकारी बी.एन. सिंह

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अमित मिश्रा

सोनभद्र। जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक लोक संस्कृति को बढ़ावा देने और गांव-गांव में सांस्कृतिक गतिविधियों को सशक्त बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल की जा रही है। जिलाधिकारी बी.एन. सिंह ने जानकारी दी है कि संस्कृति विभाग की एक महत्वपूर्ण योजना के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर लोक कला एवं सांस्कृतिक प्रशिक्षण, प्रस्तुतिकरण और गुरु-शिष्य परंपरा को संजीवनी देने हेतु वाद्य यंत्रों का वितरण किया जाएगा।

इस योजना के अंतर्गत हरमोनियम, ढोलक, झांझ, मंजीरा और घुंघरू सहित एक सेट वाद्य यंत्र अनुदान के रूप में प्रदान किए जाएंगे। यह वाद्य यंत्र चयनित ग्राम पंचायतों को चरणबद्ध रूप से दिए जाएंगे, जिन्हें संबंधित समितियों द्वारा चयनित कर आयोजित कार्यक्रमों के दौरान वितरित किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिन ग्राम पंचायतों को पूर्व में वाद्य यंत्र मिल चुके हैं, उन्हें इस योजना से बाहर रखा जाएगा और अन्य पात्र ग्राम पंचायतों को शामिल किया जाएगा। वाद्य यंत्रों के रख-रखाव और उपयोग की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायत की होगी।

जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि बजट की उपलब्धता और शासन की अनुमति के अनुसार लोक कलाकारों को व्यक्तिगत रूप से भी वाद्य यंत्र उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

इस योजना का लाभ उठाने के लिए इच्छुक ग्राम पंचायतों को चाहिए कि वे अपने आवेदन पत्र 10 अगस्त 2025 तक जिला पर्यटन अधिकारी कार्यालय या जिला सूचना कार्यालय, सोनभद्र में जमा कर दें।

यह पहल न केवल लोक कलाओं को जीवंत बनाए रखने में सहायक होगी, बल्कि गांवों में सांस्कृतिक चेतना को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगी।

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