खेतों से नीचे जा रही नहर, किसानों ने रुकवाया खुदाई कार्य

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नवीन कुमार

O- डीएम और सदर विधायक को पत्र देने के दो दिन बाद भी नहीं पहुंचा कोई अधिकारी

कोन (सोनभद्र)। बहुउद्देशीय कनहर सिंचाई परियोजना के तहत निर्माणाधीन नहर की खुदाई को लेकर किसानों का आक्रोश रविवार को फूट पड़ा। खेतों के स्तर से नीचे नहर की खुदाई किए जाने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने रोरवा-झरिया बंधी के समीप चल रहे कार्य को रोक दिया और प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि वर्तमान स्वरूप में नहर बनने से सिंचाई का लाभ मिलने के बजाय खेतों तक पानी पहुंचाना मुश्किल हो जाएगा।
ग्रामीणों के अनुसार जिलाधिकारी के निर्देश पर दिसंबर तक टेल क्षेत्र तक पानी पहुंचाने के उद्देश्य से नहर निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है। रोरवा से झरिया बंधी तक करीब पांच किलोमीटर लंबाई में नहर की खुदाई की जा रही है। किसानों का आरोप है कि इस दूरी में नहर की ढाल लगभग 16 मीटर रखी गई है, जिससे कई स्थानों पर नहर खेतों के स्तर से काफी नीचे चली गई है। उनका कहना है कि इतनी अधिक ढाल होने से नहर का पानी खेतों तक नहीं पहुंच सकेगा और परियोजना का उद्देश्य ही प्रभावित हो जाएगा।
किसानों ने दावा किया कि तकनीकी मानकों के अनुसार पांच किलोमीटर में ढाल करीब दो मीटर होनी चाहिए, लेकिन विभाग द्वारा गलत अनुमान के आधार पर कार्य कराया जा रहा है। किसानों का कहना है कि उन्होंने परियोजना के लिए अपनी जमीन दी, लेकिन यदि सिंचाई का लाभ ही नहीं मिलेगा तो यह उनके साथ अन्याय होगा।
ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार को किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी और सदर विधायक भूपेश चौबे को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच और सुधार की मांग की थी। विधायक ने अधिकारियों के साथ मौके का निरीक्षण कराने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। इससे नाराज किसानों ने रविवार को कार्यस्थल पर पहुंचकर प्रदर्शन किया और खुदाई कार्य रुकवा दिया।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक तकनीकी जांच कर किसानों की समस्या का समाधान नहीं किया जाता, तब तक निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा। प्रदर्शन में सम्पूर्णानंद जायसवाल, पूर्व ग्राम प्रधान श्रावण कुमार, अभय कुमार, नारायण दास, रामचंद्र, राजकुमार, अक्षवर, दीपक कुमार, रामजी, कलावती देवी, कमलेश पांडे समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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