खाद वितरण की अव्यवस्था से भड़के किसान, लैंपस सचिव नदारद

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वीरेंद्र कुमार

विंढमगंज (सोनभद्र)। विंढमगंज थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत सलैयाडीह में स्थित बहु-उद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति परिसर सोमवार को किसानों के गुस्से का गवाह बना। सुबह से ही सैकड़ों किसान यूरीया खाद की आस में केंद्र के बाहर कतार लगाए खड़े रहे, लेकिन जब घंटों इंतजार के बाद भी वितरण शुरू नहीं हुआ तो किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। किसान नारेबाजी करते हुए जमकर प्रदर्शन करने लगे। किसानों का कहना था कि कल ही एक ट्रक खाद केंद्र पर पहुंचा था, मगर सचिव की लापरवाही और मनमानी के चलते खाद वितरण रोक दिया गया है।

किसान पप्पू गुप्ता ने आरोप लगाया कि सैकड़ों किसान सुबह से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन लैम्पस सचिव का कहीं पता नहीं है, यहां तक कि उनका मोबाइल भी बंद है। दर्जनों महिलाएं भी कई किलोमीटर दूर से घर का कामकाज छोड़कर खाद लेने पहुंची थीं, मगर खाली हाथ लौटने को मजबूर हुईं। किसानों का कहना था कि यह परेशानी किसी एक की नहीं बल्कि पूरे इलाके के किसानों की है, जो समय पर खाद न मिलने से परेशान हैं।

इधर मेदनीखाड़ लैम्पस के सचिव नारायण यादव ने बताया कि लगभग 200 बोरी खाद आया है। वहीं क्रय-विक्रय सहकारी समिति के सचिव सुरेश यादव ने कहा कि केंद्र पर 120 बोरी खाद पहुंची है। विंढमगंज लैम्पस के सचिव दिपनारायण यादव ने मोबाइल पर जानकारी देते हुए कहा कि सुबह ही लगभग 200 बोरी खाद आया है, मगर अभी तक वितरण का मैसेज नहीं आया है। किसानों की संख्या खाद से तीन गुना ज्यादा है, ऐसे में बिना प्रशासनिक मौजूदगी के वितरण करने से भगदड़ की स्थिति बन सकती है। उन्होंने कहा कि खाद की कमी और किसानों की भारी भीड़ को देखते हुए अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है और प्रशासन की मौजूदगी में ही वितरण कराया जाएगा।

किसानों ने सवाल उठाया कि जब ट्रक खाद पहुंच चुका है तो वितरण में देरी क्यों की जा रही है। उनका कहना था कि त्योहार और बुवाई के इस सीजन में खाद की किल्लत ने उन्हें मुश्किलों में डाल दिया है। व्यवस्था की इस लापरवाही से किसान आक्रोशित हैं और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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