एसडीएम ओबरा पर बैकडेट में पत्र जारी करने का आरोप, दोषियों पर कार्रवाई की मांग
सोनभद्र। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का लाभ मृतक वसीम अहमद की मां वकीला बेगम को 42 महीने बाद भी नहीं मिल सका। इसको लेकर जन अधिकार पार्टी के प्रदेश प्रमुख महासचिव भागीरथी सिंह मौर्य ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर पीड़िता को लाभ दिलाने व दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।


भागीरथी सिंह मौर्य ने बताया कि वसीम अहमद की मृत्यु 21 नवंबर 2022 को सड़क दुर्घटना में हो गई थी। मृतक के नाम कृषि भूमि भी है। मृतक की मां वकीला बेगम ने योजना के तहत 5 लाख रुपये के लाभ के लिए आवेदन किया, लेकिन अब तक लाभ नहीं मिला। पीड़िता तहसील ओबरा का चक्कर लगाते-लगाते थक गई। 17 फरवरी 2026 को जिलाधिकारी से गुहार लगाई तो आपदा विभाग ने बताया कि फाइल ओबरा भेजी गई है। तहसील पहुंचने पर बताया गया कि फाइल नहीं मिल रही है। 30 जून 2026 को पुनः डीएम से मिलने पर आश्वासन मिला कि उसी दिन शाम 5 बजे तक फाइल मंगाकर कार्रवाई होगी। लेकिन उसी रात 9:46 बजे डीएम कार्यालय के मोबाइल नंबर से वकीला बेगम को एसडीएम ओबरा द्वारा एसडीएम मड़िहान, मिर्जापुर के नाम जारी पत्र भेजा गया और फोन कर कहा गया कि मड़िहान से रिपोर्ट लगवाओ। आरोप है कि 30 जून 2026 को भेजा गया पत्र 10 जून 2026 को जारी दिखाया गया है। इससे एसडीएम ओबरा द्वारा लापरवाही छुपाने व तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक व लेखपाल को बचाने के लिए बैकडेट में पत्र जारी करने का आरोप है।भागीरथी सिंह मौर्य ने मुख्यमंत्री, मंडलायुक्त विंध्याचल मंडल, जिलाधिकारी सोनभद्र व अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को पत्र भेजकर पीड़िता को लाभ दिलाने की मांग की। साथ ही एसडीएम ओबरा, तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक व लेखपाल की लापरवाही की उच्च स्तरीय जांच कराकर कठोर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि न्याय न मिलने पर जन अधिकार पार्टी हर स्तर पर पीड़िता के साथ खड़ी रहेगी।






