कई विभागों की खराब प्रगति पर जिलाधिकारी ने जतायी नाराजगी, अधिकारियों को नोटिस

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अमित मिश्रा

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद के विकास कार्यो में खराब प्रगति करने वाले अधिकारियों को चेतावनी जारी करने , कार्य पूर्ण होने तक वेतन भुगतान पर रोक लगाने तथा स्पष्टीकरण जारी करने का निर्देश जिलाधिकारी ने नवीन व्यवस्था के अन्तर्गत विकास प्राथमिकता वाली योजनाओं की सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से  समीक्षा लेते हुए दिया। इस दौरान जिलााधिकारी ने विकास कार्यों की समीक्षा मे खराब प्रगति पाये जाने कार्यो को निर्धारित समयावधि में निर्माण कार्य को पारदर्शिता, गुणवत्ता पूर्ण तरीके से पूर्ण किये जाने तथा सड़कों व भवन निर्माण कार्य में तेजी लाने व  शिथिलता बरतने पर कड़ी कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया।

जिलाधिकारी बीएन सिंह ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शासन की विकास प्राथमिकता वाली योजनाओं की बिन्दुवार सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा किया। उन्होंने शासन के महत्वपूर्ण योजनाओं, परियोजनाओं, सेवाओं की सम्बन्धित अधिकारियों से सीएम डैशबोर्ड पर उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर बारी-बारी से समीक्षा किया।

समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने डीसी एनआरएलएम विभाग द्वारा बीसी सखी योजना की समीक्षा किया तो यह तथ्य प्रकाश में आया कि एनआरएलएम बैंक क्रेडिट लिंकेज की योजना में प्रगति की स्थिति काफी खराब है, जिस पर जिलाधिकारी ने वेतन भुगतान पर रोक लगाने के निर्देश देते हुए कहा कि इनसे इस आशय का प्रमाण पत्र लिया जाये कि प्रगति में सुधार होने पर वेतन भुगतान किया जाये।

उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि डीसी एनआरएलएम व एलडीएम आपसी समन्वय स्थापित करते हुए बीसी योजनान्तर्गत बैंक क्रेडिट लिंकेज की प्रगति में तेजी लाया जाये।

इसी प्रकार से अधिशासी अभियन्ता जल निगम ग्रामीण को नमामि गंगे योजनान्तर्गत हर घर नल से जल पहुंचाये जाने हेतु प्रत्येक घर को नल संयोजन की प्रगति काफी खराब है, जिस पर प्रतिकुल प्रविष्टि जारी करने के निर्देश दियें।

पर्यटन विभाग की समीक्षा करते हुए पाया कि राज्य पर्यटन विकास निधि की प्रगति ई श्रेणी में आ गयी है, जिस पर पर्यटन अधिकारी को प्रतिकुल प्रविष्टि जारी करने के निर्देश दियें।

वन विभाग की समीक्षा के दौरान पाया गया कि पूर्व में रोपित किये गये पौधों का सत्यापन टीम गठित कर किया गया, किन्तु सत्यापन में पाया पाया गया कि ज्यादातर पौध जीवित नहीं है, जिससे प्रगति बाधित हुआ है, जिस पर प्रभागीय वनाधिकारी सोनभद्र को स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दियें।

इसी प्रकार से जिलाधिकारी ने विकास कार्यों की समीक्षा में पाया कि कुछ विभागों की प्रगति काफी खराब है, जिसमें स्वच्छ भारत मिशन योजना में प्रगति खराब पाये जाने पर जिला पंचायत राज अधिकारी को, दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं पूर्व दशम छात्रवृत्ति में खराब प्रगति पर जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी को, पोषण अभियान में खराब प्रगति ई ग्रेड आने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी को, पशु टीकाकरण में खराब प्रगति पर पशु मुख्य चिकित्साधिकारी को, मुख्यमंत्री सामुहिक विवाह योजना में प्रगति खराब पाये जाने पर जिला समाज कल्याण अधिकारी को चेतावनी पत्र जारी करने के निर्देश दियें हैं।

इसी प्रकार से दैनिक विद्युत आपूर्ति करने में बरती जा रही शिथिलता व समय से ट्रान्सफार्मर न बदले जाने पर अधिशासी अभियन्ता विद्युत वितरण खण्ड राबर्ट्सगंज को चेतावनी जारी करने के निर्देश दियें हैं।

वही जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि लाभार्थीपरक योजनाओं से पात्र लोगों को लाभान्वित किया जाये, निर्माण कार्य को निर्धारित समय में पूरा किया जाये, निर्धारित लक्ष्य के अनुसार गुणवत्ता के साथ अधूरे कार्याें को पूर्ण किया जाये, अन्यथा की स्थिति में जिस स्तर से कमी पायी जायेगी उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही करते हुए उच्च स्तर पर पत्राचार भी किया जायेगा।

इस दौरान जिलाधिकारी ने जनपद के विभिन्न विभागों की सीएम डैशबोर्ड पर उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर विकास कार्यों, लाभार्थीपरक व जन कल्याणकारी योजनाओं की सम्बन्धित अधिकारियों से बारी-बारी से बिन्दुवार समीक्षा की।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, जिला विकास अधिकारी शेषनाथ चौहान, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 अश्वनी कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, प्रभारी जिला सूचना अधिकारी सुधांशु शेखर शर्मा सहित अन्य सम्बन्धितगण उपस्थित रहें।

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