हर घर नल से जल के बावजूद टैंकरों पर भुगतान, सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप

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अमित मिश्रा

O- नगवां ब्लॉक में टैंकर परिचालन व हैंडपंप मरम्मत के नाम पर हर वर्ष लाखों रुपये खर्च, उठे उच्चस्तरीय जांच की मांग

सोनभद्र । भारत सरकार की महत्वाकांक्षी “हर घर नल से जल” योजना के तहत जिले के अधिकांश गांवों में घर-घर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। ग्रामीणों ने भी लिखित रूप में पुष्टि की है कि उनके गांवों में नल से पानी आ रहा है और वे इसका लाभ नियमित रूप से उठा रहे हैं।

इसके बावजूद नगवां ब्लॉक के कई ग्राम पंचायतों में टैंकरों से पानी आपूर्ति, समरसेबल और हैंडपंप मरम्मत के नाम पर सरकारी धन का बड़ा खेल सामने आ रहा है। सूत्रों के अनुसार, जब गांवों में पहले से ही पेयजल की आपूर्ति हो रही है, तो हर साल टैंकर संचालन और पंप मरम्मत पर लाखों रुपये खर्च किए जाने का औचित्य क्या है? ग्रामीणों ने इस पर सवाल उठाए हैं और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

भारी भुगतान का आरोप
सूत्रों ने खुलासा किया है कि नगवां ब्लॉक में कई ग्राम पंचायतों को हर महीने टैंकर परिचालन के नाम पर लाखों रुपये का भुगतान किया गया है। जबकि इन पंचायतों में नल जल योजना से नियमित पानी मिल रहा है। आरोप है कि ग्राम प्रधान, सचिव और एडीओ पंचायत की मिलीभगत से यह रकम गलत तरीके से खर्च की जा रही है।

कुछ पंचायतों में तो पेयजल आपूर्ति 30 जून को बंद हो जाने के बाद भी अक्टूबर तक टैंकरों के नाम पर भुगतान जारी है।

जवाब में टालमटोल
मामले में जब जिम्मेदार अधिकारियों से सवाल किया गया तो विभागों में जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल दी गई। सूत्रों का कहना है कि यदि टैंकर परिचालन के दिनों का जीपीएस डेटा और फोटो मांगे जाएं, तो विभाग के पास कोई ठोस रिकॉर्ड नहीं होगा।

जांच और कार्रवाई की मांग
क्षेत्र के ग्रामीण समाजसेवियों ने जिलाधिकारी सोनभद्र से पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही दोषी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर कड़ी कार्रवाई की अपील की है, ताकि सरकारी धन का दुरुपयोग रोका जा सके और गांवों में विकास के लिए वास्तविक कार्यों में निवेश हो सके।

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