सोनभद्र मे जगा ‘दीप नगर’ सदर विधायक भूपेश चौबे के संकल्प से प्राचीन तालाब हुआ रौशन

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अमित मिश्रा

दीपों से नहाया दीप नगर, सोनभद्र बना आस्था, स्वच्छता और एकता का प्रतीक

देव दीपावली की यह ऐतिहासिक शाम केवल दीपों की नहीं, बल्कि जनसहयोग, स्वच्छता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की भी रही।

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। देव दीपावली का पर्व इस बार सोनभद्र के लिए सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि इतिहास का पुनर्जागरण बन गया। जनपद की एकमात्र नगर पालिका परिषद के वार्ड संख्या 17 में सदर विधायक भूपेश चौबे के अथक प्रयासों से प्राचीन दीप नगर तालाब एक बार फिर अपनी पुरानी आभा में लौट आया। कभी गंदगी से ढका यह तालाब अब 5100 दीपों की जगमगाती ज्योति से नहाया हुआ दिखाई दिया, मानो वर्षों की उपेक्षा पर उजाले ने जीत हासिल कर ली हो।

पहलवान बाबा सेवा समिति के द्वारा भव्य दीपोत्सव कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पंडित सुशील तिवारी द्वारा पूजन सम्पन्न हुआ और सदर विधायक भूपेश चौबे ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। तालाब परिसर जयघोषों, शंखनाद और भक्ति की गूंज से आलोकित हो उठा।

जनसहभागिता से बदल रही है सोनभद्र की तस्वीर

इस अवसर पर विधायक भूपेश चौबे ने कहा कि यह तालाब कभी उपेक्षा और गंदगी का प्रतीक बन गया था। लेकिन पहलवान बाबा सेवा समिति के युवाओं की छोटी सी पहल को समाज और प्रशासन के सहयोग से आगे बढ़ाया गया। आज यह दीपोत्सव इस बात का प्रतीक है कि जब जनता और जनप्रतिनिधि एकजुट हों तो हर अंधकार मिटाया जा सकता है। उन्होंने वार्डवासियों से अपील किया कि तालाब की स्वच्छता और सुंदरता को बनाए रखें ताकि भविष्य में यहां छठ महापर्व जैसे भव्य आयोजन भी सम्पन्न किए जा सकें।

दीपों की झिलमिलाहट से सजा तालाब, प्रतिबिंबों ने रचा मनमोहक दृश्य

दीप नगर तालाब के चारों ओर बने घाटों को दीपमालाओं और इलेक्ट्रॉनिक झालरों से इस तरह सजाया गया कि तालाब का हर कोना आस्था और सौंदर्य की मिसाल बन गया।
पानी में झिलमिलाते दीपों का प्रतिबिंब ऐसा दृश्य प्रस्तुत कर रहा था, मानो आकाश के तारे धरती पर उतर आए हों। वातावरण में भक्ति, ऊर्जा और गर्व का अद्भुत संगम महसूस हो रहा था।

स्थानीय रहवासियों ने विधायक की पहल को बताया ‘ऐतिहासिक कदम’

वार्ड निवासी इंद्रमणि देव पाण्डेय ने कहा कि पहली बार किसी विधायक ने इस तालाब की सुध ली है। सदर विधायक भूपेश चौबे जी ने न केवल दीपोत्सव का शुभारंभ किया बल्कि पूरे क्षेत्र को यह संदेश दिया कि विकास और संस्कृति एक साथ चल सकते हैं। यह दिन हम सोनभद्रवासी कभी नहीं भूलेंगे।

स्थानीय नागरिक सुधीर जायसवाल बोले यह तालाब वर्षों से उपेक्षित था, लेकिन आज दीपों की रोशनी में यह अपनी पहचान वापस पा गया है। यह विधायक जी की दूरदर्शिता और जनभावना का परिणाम है।

वार्डनिवासी सुषमा पाण्डेय ने भावुक होकर कहा कि जब हजारों दीप एक साथ जले तो लगा जैसे पूरा सोनभद्र नगर उजाले में नहा लिया। हमें गर्व है कि हमारे प्रतिनिधि ने सांस्कृतिक परंपराओं को पुनर्जीवित किया।

स्थानीय निवासी राकेश सोनकर ने कहा कि विधायक भूपेश चौबे जी ने जो किया, वह सिर्फ तालाब को सजाना नहीं बल्कि समाज को जोड़ने का काम है। अब दीप नगर सच में अपने नाम के अनुरूप जगमगा उठा है।

सामूहिक प्रयास बना उदाहरण

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में पहलवान बाबा सेवा समिति के कार्यकर्ता मंगल केशरी उर्फ बबलू , रमेश जायसवाल, आनंद जायसवाल, निगम सिंह , मंगल केशरी, हिमांशु शर्मा सहित असंख्य स्वयंसेवकों का विशेष योगदान रहा।

सोनभद्र के दीप नगर तालाब पर हुआ यह आयोजन आने वाले वर्षों तक याद किया जाएगा, जब अंधकार पर प्रकाश की, उपेक्षा पर प्रयास की और असंभव पर संकल्प की विजय हुई।

इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हर्ष अग्रवाल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष कृष्ण मुरारी गुप्ता, मनोज दुबे, अशोक तिवारी, संतोष सोनी, संदीप सिंह चंदेल, विकास मिश्रा, गौरव शुक्ला, संजय अग्रवाल, छोटू खां, रुद्रांश देव पांडेय, धान्या पाण्डेय, हिमांशु शर्मा,अनिल शर्मा, शंभू शर्मा,पंकज सोनकर सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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