दुकानो के सामने सड़क की खुदाई कर डाला मलबा, दुकानदारों में आक्रोश

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नवीन कुमार


रात में हुई खुदाई से कई घरों की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त, सड़कों पर बह रहा पेयजल


कोन (सोनभद्र/उत्तर प्रदेश)। कोन-विंढमगंज मार्ग के चौड़ीकरण एवं निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाही को लेकर स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। कार्यदायी संस्था द्वारा सड़क चौड़ीकरण के लिए मार्ग की पश्चिमी पटरी पर रात के समय जेसीबी से खुदाई कराई गई, जिससे कई घरों की पेयजल पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। पाइप लाइन कटने से घरों तक पानी की आपूर्ति ठप हो गई है और बड़ी मात्रा में पानी सड़कों पर बह रहा है। इससे लोगों को पेयजल के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


व्यापारियों का आरोप है कि खुदाई के दौरान निकली मिट्टी और मलबा दुकानों एवं मकानों के सामने ही छोड़ दिया गया है। मलबे के ढेर लग जाने से दुकानों तक ग्राहकों की पहुंच प्रभावित हो रही है, जिससे कारोबार पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। वहीं कई परिवारों के घरों से निकलने का रास्ता भी अवरुद्ध हो गया है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।


स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि सड़क निर्माण कार्य जनहित में है, लेकिन कार्यदायी संस्था को आम लोगों की सुविधाओं का भी ध्यान रखना चाहिए। दुकानदारों का कहना है कि मलबा हटाने और रास्ता साफ कराने की मांग कई बार की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।


व्यापारियों के अनुसार जब उन्होंने सड़क निर्माण कार्य के प्रभारी शैलेन्द्र कुमार से मलबा हटाने की मांग की तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। आरोप है कि प्रभारी ने मलबा हटाने से इनकार करते हुए कहा कि न तो मलबा हटाया जाएगा और न ही किसी को हटाने दिया जाएगा। इस कथित बयान के बाद व्यापारियों में रोष और बढ़ गया है।


उधर, सड़क किनारे टूटे पाइपों से लगातार पानी बहने के कारण राहगीरों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पाइप लाइन की मरम्मत नहीं कराई गई तो क्षेत्र में पेयजल संकट गहरा सकता है।


इस संबंध में अवर अभियंता अनिल शर्मा ने बताया कि दुकानों के सामने पड़े मलबे को हटाने के लिए कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया गया है। वहीं क्षतिग्रस्त पाइप लाइन के संबंध में संबंधित विभाग को अवगत कराया गया है ताकि जल्द से जल्द मरम्मत कराकर जलापूर्ति बहाल की जा सके।


हालांकि समाचार लिखे जाने तक न तो मलबा हटाया गया था और न ही क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों की मरम्मत शुरू हो सकी थी। इससे स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों में असंतोष बना हुआ है। लोगों ने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान कराने की मांग की है।

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